सीडीओ ने प्रधानों को किया जागरूक, दिया गया प्रशिक्षण
कुपोषण को लेकर प्रधानों को जागरूक किया गया। मुख्य विकास अधिकारी प्रताप सिंह भदौरिया ने कहा कि जनपद को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए प्रत्येक प्रधान और जनता का सहयोग अपेक्षित है। उन्होंने बताया कि कुपोषित बच्चे का वजन कम होता जाता है, जिससे उसका शारीरिक और मानसिक विकास रुक जाता है।
मंगलवार को ब्लाक परिसर मे आयोजित राज्य पोषण मिशन के अंतर्गत नव निर्वाचित प्रधानों का एक दिवसीय प्रशिक्षण हुआ। कुपोषण मुक्त जिला बनाने के लिए प्रधानों से सहयोग की अपेक्षा की गई। साथ ही सरकार की योजना स्वास्थ्य कृषि मनरेगा सहित तमाम योजनाओं की भी जानकारी दी गई। आंगनबाड़ी केंद्रों को नियमित उपस्थिति, पुष्टाहार वितरण माह की 5, 15, 25 तारीख में ही करने के निर्देश एवं केंद्र पर वितरण के निर्देश दिए। प्रशिक्षण मे डीपीआरओ राजेश यादव उप जिलाधिकारी प्रवीण कुमार सीडीपीओ हरीमोहन ने भी विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर प्रधान चिरौंजी लाल, राशिद, यूनिस, अनोखे, अनिल द्विवेदी, अनिल मिश्रा, अश्वनी कुमार गुप्ता, वेदपाल, मीर खां, मुनीष गुप्ता, राजू कश्यप उपस्थित रहे।
अधिकारों की जानकारी से प्रधान बदल सकेंगे गांव की तस्वीर
उझानी। प्रधान केवल जनप्रतिनिधि ही नहीं, बल्कि अपने गांव के मुखिया होते हैं। उन्हें अपने अधिकारों तथा कर्तव्यों की जिस दिन भली भांति जानकारी हो जाएगी, उसी दिन से उनके गावों की तस्वीर बदलने लगेगी और गांव में उनकी बेहतर छवि होगी। यह विचार प्रधानों के प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान सीडीओ प्रताप सिंह भदौरिया ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि ग्राम के विकास में प्रधान की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कुपोषण क्या है? इसे कैसे पहचानें? इसके क्या कारण हैं? बचाव के लिए क्या करें? इसकी जानकारी दी। उन्होंने एक अप्रैल से शुरू होने वाले स्कूल चलो अभियान, 15 से 21 जुलाई के बीच हर गांव में पौधरोपण अभियान, लोहिया आवास, महिला सशक्तिकरण, पशु टीकाकरण, कृषि बीमा दुर्घटना योजना, तालाबों के निर्माण आदि तमाम योजनाओं की जानकारी दी।
जनता करेगी जय-जयकार
बदायूं। प्रधान प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रभारी डीएम प्रताप सिंह भदौरिया ने प्रधानों को गारंटी दी कि यदि वह समस्त सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने के बाद उन्हें लागू करने में रुचि लेने लगेंगे, तो पांच साल के कार्यकाल के दौरान जनता उनकी जय-जयकार करेगी साथ ही आगे का भविष्य भी सुनहरा हो जाएगा। उनका गांव चमक उठेगा।
महिला प्रधानों की संख्या रही कम
बदायूं। महिला प्रधानों की कम मौजूदगी देखकर प्रभारी डीएम निराश हो गए। बोले, कादरचौक में 26 महिला प्रधानों में कम से कम एक महिला दिखाई तो दे रही है, जबकि गत दिवस दहगवां ब्लाक में तो एक भी महिला प्रधान उपस्थित नहीं मिली। उन्होंने सवाल दागा कि इस तरह महिला सशक्तीकरण कैसे हो सकेगा? ब्लाक उझानी में मात्र 5-6 महिला प्रधान ही प्रशिक्षण में मौजूद थीं।
अति कुपोषित बच्चों की संख्या में आई कमी
बदायूं। राज्य पोषण मिशन के तहत आयोजित प्रशिक्षण में ब्लाक उझानी और कादरचौक में कुल 49,848 बच्चों में 2,310 बच्चे गंभीर रूप से कुपोषित हैं, जो ब्लाक दहगवां तथा सहसवान में पाए गए अति कुपोषित बच्चों की संख्या से लगभग सात सौ कम हैं। ब्लाक कादरचौक में शून्य से पांच वर्ष की आयु के कुल 20,476 बच्चों में 861 तथा ब्लाक उझानी में 29,372 बच्चों में 1449 बच्चे अति कुपोषण का शिकार हैं।
दातागंज, समरेर में प्रशिक्षण आज
बदायूं। राज्य पोषण मिशन के तहत नव निर्वाचित प्रधानों को 30 मार्च बुधवार को ब्लाक दातागंज तथा समरेर में प्रशिक्षण दिया जाएगा। ब्लाक दातागंज के प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिलाधिकारी और ब्लाक समरेर में मुख्य विकास अधिकारी शिरकत करेंगे।