सावन माह में छोटे-छोटे बच्चे भी कांवड़िया बनकर भगवान भोलेनाथ की भक्ति में जुटे हैं। बदायूं के कछला गंगा घाट पर बड़ी संख्या में बच्चे गंगाजल लेने पहुंच रहे हैं। वहीं, पीलीभीत जनपद के बीसलपुर तहसील के गांव देवरिया कलां के 8 से 12 साल के कांवड़िये कछला गंगाघाट पर अपने माता-पिता के साथ पहुंचे।
देवरिया कलां से दो टोली बुधवार की शाम ट्रैक्टर ट्रॉली से कछला घाट पहुंचीं। टोली में 200 श्रद्धालु शामिल थे। बच्चों के अलावा महिलाएं-पुरुष भी हैं। हर-हर महादेव का जयकारा और भजन कीर्तन करते हुए सभी पहुंचे। रातभर गंगा तीरे रुककर बृहस्पतिवार तड़के कछला गंगाघाट से जल लेकर गंतव्य के लिए रवाना हुए।
7 वर्षीय रघुवीर, 12 वर्षीय चंद्रपाल, 12 वर्षीय नंदू, 11 वर्षीय निशांत सावन के दूसरे सोमवार को पीलीभीत के गौरी शंकर मंदिर में जलाभिषेक करेंगे। उनके साथ गांव के ही रूपकिशोर, प्रताप सिंह, राकेश, सुरेंद्र कुमार रवाना हुए। गांव के मुनीश प्रहृलाद ने बताया कि बच्चे पिछली वर्ष भी आए थे।
17वीं बार पटना देवकली मंदिर पर जलाभिषेक करने निकले शिवभक्त
शाहजहांपुर जिले के कलान की शिव भक्तों की टोली कछला गंगा घाट से जल लेकर बृहस्पतिवार सुबह रवाना हुई। करीब सात बजे पूजा-अर्चना करके गंगाजल लेकर चले। ये सभी रविवार शाम पटना देवकली मंदिर में पहुंच शाम को विश्राम करेंगे और सोमवार की तड़के पटना देवकली मंदिर में जलाभिषेक करेंगे।
इस टोली में 96 लोग शामिल हैं। पंकज, किशोर, नरेंद्र, जगदीश पाल, सुशील कुमार, प्रेमपाल, आकाश आदि ने बताया कि वह 16 साल से कांवड़ लेकर जा रहे हैं। इस बार कछला गंगा घाट पर 17वीं बार गंगा जल लेने पहुंचे हैं। गांव से लगातार उनके साथ आने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है।
छह सगे भाई-बहन गंगाजल लेकर बरेली रवाना
बरेली के बैकुंठ नाथ मंदिर में जलाभिषेक करने की मंशा लेकर छह सगे भाई-बहन कछला गंगा घाट पहुंचे और जल भरकर गंतव्य के लिए रवाना हुए। बच्चे 21 लीटर जल लेकर जा रहे हैं।