बाल विवाह की सूचना पर पहुंची चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम जांच करती।स्रोत-विभाग
बदायूं। चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम ने थाना एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग एवं थाना दातागंज के सहयोग से किशोरी का निकाह होने से बचा लिया। उन्होंने परिजनों को हिदायत दी और कहा कि 18 वर्ष से कम आयु पर अगर बेटी की निकाह किया तो कठोर कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद पिता ने शपथ देकर 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने के बाद निकाह करने की शपथ ली।
चाइल्ड हेल्पलाइन परियोजना समन्वयक कमल शर्मा ने बताया कि मंगलवार को टोल फ्री नंबर 1098 पर सूचना मिली कि थाना दातागंज के गांव में किशोरी का निकाह होना प्रस्तावित है। आज ही बरात आ रही है। सूचना मिलने के बाद टीम गांव पहुंच गई। टीम ने किशोरी की आयु संबंधी दस्तावेज परिजनों से मांगे, जिसमें आयु 16 वर्ष निकली। पिता को बाल विवाह के बारे में जानकारी दी गई।
पिता ने कहा कि हमें इसके बारे में कोई जानकारी नहीं थी। किशोरी के पिता ने टीम व ग्रामवासियों की उपस्थिति में शपथपत्र दिया कि जब तक बेटी की आयु 18 वर्ष नहीं हो जाएगी तब तक उसका निकाह नहीं करूंगा। टीम ने इस वर्ष में 24 से अधिक बाल विवाहों को रोकने का काम किया है। इतने ज्यादा बाल विवाह होना चिंता का विषय है।
इस मौके पर ग्राम प्रधान विशाल गुप्ता व ग्रामवासी आदि उपस्थित रहे। उधर, हेल्पलाइन काउंसलर मुन्तजिम, केस वर्कर पुरुषोत्तम शर्मा, उपनिरीक्षक थाना दातागंज प्रदीप, आरक्षी कुलदीप, बलजीत महिला आरक्षी रेनू देवी, थाना एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग टीम मौजूद रही।
चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम ने महिला को पति से मिलाया
बदायूं। घर से नाराज होकर आई महिला को चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम ने पति को बुलाकर उसके सुपुर्द कर दिया। टीम प्रभारी कमल शर्मा ने बताया कि सुबह छह बजे एटा से बदायूं डिपो की रोडवेज बस में आ रही महिला को रोडवेज पर डायल 112 पुलिस ने संदेह के तौर पर रोक लिया। जानकारी की उसने अपना नाम पूजा यादव बताया। बताया कि पति से नाराज होकर वह अपने मायके जा रही है। उसके साथ तीन साल का एक बच्चा भी था। इसके बाद पति को बुलाकर महिला को उसके सुपुर्द कर दिया गया। संवाद