नाबालिग की शादी की सूचना पर जांच करते अधिकारी। स्रोत चाइल्डलाइन
बदायूं। चाइल्ड हेल्पलाइन और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग की टीम ने बाल विवाह रुकवा दिया है। किशोरी के शादी सोमवार को होने वाली थी। पिता को समझाकर 18 वर्ष पूरे होने पर ही लड़की की शादी करने को कहा गया है। इस पर पिता मान गए हैं।
चाइल्ड हेल्पलाइन को टोल फ्री नंबर 1098 के माध्यम से रविवार को सूचना मिली कि थाना कादरचौक के एक गांव में 23 जून को एक किशोरी की शादी होने वाली है। सूचना मिलने के बाद चाइल्ड हेल्पलाइन परियोजना के समन्वयक कमल शर्मा, काउंसलर मुन्तजिम, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग के मुख्य आरक्षी कुलदीप मिश्र अपनी टीम के साथ गांव पहुंचे। वह किशोरी और उसके परिवार के लोगों से मिले। किशोरी की आयु 17 वर्ष थी। पिता को शादी न करने के बारे और बाल विवाह के दुष्परिणामों की जानकारी दी। बताया कि उनके खिलाफ बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के अंतर्गत हो सकती है।
इसके बाद पिता ने प्रभारी निरीक्षक की उपस्थित में शपथ पत्र दिया कि जब तक बेटी की उम्र 18 वर्ष की नहीं हो जाएगी, शादी नहीं करेंगे। अगर विवाह कराया तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। किशोरी को बाल कल्याण समिति के आदेशानुसार समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। समन्वयक कमल शर्मा ने बताया कि इस वर्ष 15 से अधिक बाल विवाह को रोका जा चुका है।