पर्यावरण जागरुकता और गौरैया संरक्षण कार्यक्रम के तहत शनिवार को उच्च प्राथमिक विद्यालय मझिया में पौधरोपण किया गया। साथ ही संगोष्ठी आयोजित कर लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने का आह्वान किया गया।
मुख्य वक्ता के रूम में मौजूद एनएमएसएन दास डिग्री कालेज के प्रोफेसर डॉ.शैलेंद्र कबीर ने कहा कि वृक्ष धरती की शोभा नहीं हैं, प्राण वायुु के संवाहक भी हैं। वायु, ध्वनि, जल और वायु प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। इससे अनेक समस्याएं पैदा हो रही हैं। नई-नई बीमारियां जन्म ले रही हैं। कबीर ने कहा यदि समय रहते लोगों ने पर्यावरण प्रदूषण पर ध्यान नहीं दिया, तो निश्चित तौर पर आने वाली पीढ़ियों को बहुत कष्ट उठाने पड़ेंगे। वन क्षेत्राधिकारी सतेंद्र कुमार ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के संकट को भी युद्धस्तर पर समाप्त करने की आवश्यकता है। पर्यावरण प्रदूषण के कारण न सिर्फ गौरैया वरन गिद्ध और सारस जैसे पक्षी विलुप्त होने के कगार पर हैं। उन्हें बचाने के लिए सरकार बेहद गंभीर है और अभियान चलाए जा रहे हैं।
वरिष्ठ एबीआरसी राधेलाल ने पौधरोपण जैसे कार्यक्रमों को शैक्षिक उन्नयन के प्रयासों से जोड़कर क्रियान्वित करने का आह्वान किया। एबीआरसी डॉ.पंकज शर्मा आदि ने भी पर्यावरण संरक्षण पर जोर दिया। इस बीच विद्यालय के बच्चों, शिक्षकों आदि ने पौधरोपण किया। कार्यक्रम में एनपीआरसी संजीव कुमार, प्रधानाध्यापिका गीता सिंह, नमिता राठौर, संगीता रस्तोगी, श्वेता गुप्ता, प्रतिभा सिंह, सपना,राजीव कुमार आदि मौजूद रहे।
बच्चों ने ली पौधों की सुरक्षा की शपथ
पौैधारोपण के बाद स्कूल के बच्चों ने शपथ ली कि वह उनकी सुरक्षा करेंगे। नियमित उन्हें पानी देंगे। भविष्य में और पौधे भी लगाएंगे।