संविदा कर्मियों का कार्य बहिष्कार
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लखनऊ में चल रहे क्रमिक अनशन के समर्थन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के स्वास्थ्य कर्मियों ने अपनी छह सूत्री मांगों को लेकर बुधवार को धरना दिया। उन्होंने प्रदेश सरकार से संविदा कर्मियों को परमानेंट किए जाने की आवाज भी बुलंद की। अस्पताल में कार्य बहिष्कार भी किया गया।
स्वास्थ्य विभाग में संविदा पर तैनात डॉक्टरों और कर्मियों ने अस्पताल परिसर में धरना के दौरान प्रदेश सरकार की आलोचना भी की। कहा कि छह सूत्री मांगों को लेकर संविदा कर्मचारी पहले भी अफसरों के जरिए अपने हक की आवाज उठाते रहे हैं। हर बार उन्हें आश्वासन देकर शांत किया जाता रहा है। पिछले दिनों लखनऊ में संविदा कर्मियों ने क्रमिक अनशन भी शुरू कर दिया। पर सरकार ने अनशनकारियों की समस्याओं को सुनने की अभी तक जरुरत भी महसूस नहीं की।
संविदा कर्मियों ने उपस्थिति रजिस्टर पर हस्ताक्षर करने के बाद कार्य बहिष्कार का ऐलान किया तो सभी कर्मचारी ड्यूटी से हट गए। कार्य बहिष्कार के दौरान संविदा कर्मियों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। कहा कि उनकी मांगों पर कार्रवाई होने तक संविदा कर्मियों का लखनऊ में भी आंदोलन जारी रहेगा। कार्य बहिष्कार के दौरान धरना स्थल पर प्रदर्शनकारियों में डॉ. कार्तिकेय वर्मा, डॉ. हिना सफदर, डॉ. फैजान, डॉ. रमा मनराल, डॉ. रोहित, सोनम गुप्ता, समीना हसन, आकांक्षा, गौसिया, सायमा, सौरभ, शालिनी सिंह और ज्ञानेंद्र प्रसाद आदि मौजूद थे।