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फ्री का राशन लुभा रहा पर डीजल महंगा होने की कसक बरकरार

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म्याऊ के सौदामई गांव में चौपाल पर बैठे लोग। संवाद - फोटो : BADAUN
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म्याऊ (बदायूं)। चुनावी दौर में चौपालों पर रौनक बढ़ी है। नेतानगरी में उठापटक की चर्चाओं के बीच ग्रामीणों की बहस अब रोजमर्रा की बात हो गई है। शनिवार सुबह सौदामई गांव में ऐसी ही चर्चा के बीच किसानों में डीजल से खाद तक की महंगाई पर कसक दिखाई दी।
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बुजुर्ग प्रेमशंकर का कहना था कि छुट्टा पशु सबसे बड़ा सिरदर्द हैं। जो भी सरकार आए वो पहले इनका इंतजाम करा दे। कहने को तो सरकार ने गोशालाएं भी खोली हैं पर पैसे के बंदरबांट के अलावा दूसरा काम नहीं हो रहा। जगतारण का कहना था कि सरकार ने गरीबों को फ्री का राशन देकर अच्छा काम किया है पर ये सहूलियत चुनाव के बाद भी मिलती रहे इसकी गारंटी नेताओं को देनी चाहिए।
कल्याण सिंह ने कहा कि किसानों को तो महंगा डीजल और खाद ने ही चौपट कर रखा है। सरकार कुछ दे या न दे, कम से कम से डीजल और खाद सस्ती कर दे। इस पर रमाकांत ने टोका। कहा कि खाद तो पहले की सरकारों में ज्यादा महंगी थी, इस बार सस्ती है पर खाद लेना मुश्किल हो रहा है। पिछले दिनों हमने भी बदायूं से खाद मंगाई है। दुकानों पर जो खाद मिलती है, उसके असली होने की गारंटी नहीं है।
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गोपालराम का कहना था कि रसोई गैस जरूरत से ज्यादा महंगी होने से बजट बिगड़ गया है। इसको सस्ता करने की जरूरत है। चौपाल की चर्चा में गांव की प्रधान के पति सुखदेव मिश्रा भी शामिल हो गए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के मुद्दे पर योगी सरकार ने जो काम किया है वो बेमिसाल है। दोबारा इसी सरकार को लाने की जरूरत है। संवाद
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