बदायूं। 10 जनवरी की रात अलापुर थाना क्षेत्र के एक गांव में बेटे ने मां और भतीजी की हत्या कर दी थी। इस दोहरे हत्याकांड में पुलिस ने हत्यारोपी के खिलाफ अदालत में करीब 50 दिन बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है। पुलिस ने कठोर सजा के लिए क्राइमसीन पर हत्यारोपी की मिली लोकेशन, मुगरी पर मिले फिंगर प्रिंट और घटनास्थल के साक्ष्यों को संकलित कर चार्जशीट का मुख्य आधार बनाया है।
अलापुर थाना क्षेत्र के एक गांव में 10 जनवरी की रात घर के बरामदे में सो रही दादी-पोती की हत्या कर दी गई थी। महिला के पति ने बड़े बेटे के ससुर और साले पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। लेकिन पुलिस ने हत्या की तफ्तीश की तो रिपोर्ट में नामजद आरोपियों की हत्या में भूमिका सामने नहीं आई। इस पर पुलिस ने परिजनों से ही पूछताछ की।
सर्विलांस की मदद से परिवार के सभी लोगों के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाली गई। इसमें मृतका के एक बेटे के मोबाइल की लोकेशन वारदात वाले दिन घटनास्थल पर पाई गई। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। तब उसने वारदात कबूल कर ली। हत्यारोपी बेटे ने स्वीकार किया था कि उसने मां को किसी अनजान शख्स के साथ देख लिया था। इसी आवेश में उसने मुगरी से सिर पर प्रहार कर मां हत्या कर दी। भतीजी के सिर पर धोखे से मुगरी लग गई थी। इससे उसकी भी जान चली गई थी। पुलिस ने आरोपी बेटे की निशानदेही पर मुगरी बरामद कर 15 जनवरी को जेल भेज दिया था। पुलिस ने 50 दिन तक हत्यारोपी बेटे के खिलाफ हत्या से जुड़े सभी साक्ष्य संकलित किए।
इसमें आरोपी की मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल, क्राइम सीन पर मिले फुट प्रिंट, मुगरी पर मिले फिंगर प्रिंट समेत अन्य मजबूत साक्ष्यों को संकलित कर चार्जशीट तैयार की। इसके बाद पुलिस ने हत्यारोपी बेटे के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की। अलापुर इंस्पेक्टर धनंजय सिंह ने बताया कि दोहरे हत्याकांड मामले में हत्यारोपी बेटे के खिलाफ मजबूत साक्ष्यों को संकलित कर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी गई है।