बदायूं। 15 साल पुराने चरस तस्करी के मामले में स्पेशल जज एनडीपीएस एक्ट सुरेंद्र पाल सिंह ने एक दोषी को दस साल कैद की सजा सुनाते हुए एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। कोर्ट का कहना है कि जुर्माना अदा न करने की दशा में दोषी को एक वर्ष के अतिरिक्त कठोर कारावास की सजा भुगतनी पड़ेगी।
थाना गुन्नौर में तैनात उप निरीक्षक राजवीर सिंह ने दो सितंबर 2010 को रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट के अनुसार जब वह पुलिस पार्टी के साथ गश्त करते हुए जुनावई तिराहे से अजीजपुर पहुंचे तो मुखबिर ने सूचना दी कि दो वाहन खड़े हैं। एक वाहन से दूसरे में शराब उतारी जाएगी। अन्य सामान भी मिल सकता है। सूचना पर पुलिस पार्टी ने दोनों वाहनों को घेर कर रोकने की कोशिश की।
इस दौरान एक चालक वाहन लेकर भाग गया। दूसरे वाहन की तलाशी लेने पर दो किलो चरस के अलावा मथुरा के थाना मुगर्रा के गांव फौडर निवासी सौरभ, हाथरस थाना क्षेत्र के मोहल्ला तमनागढ़ी निवासी दिलीप पकड़े गए। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के बाद दोनों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
अभियुक्त दिलीप की पत्रावलियां पूर्व में न्यायालय की ओर से निस्तारित की जा चुकी हैं। स्पेशल जज एनडीपीएस एक्ट सुरेंद्र पाल सिंह ने पत्रावलियों पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। कोर्ट ने अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक व बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद अवैध चरस रखने के आरोप में अभियुक्त सौरभ को दोषी मानते हुए दस साल कैद की सजा सुनाई। संवाद