बिसौली। अधिकारियों की लापरवाही से आहत एक किसान ने शनिवार को समाधान दिवस के दौरान तहसील में पहुंचकर आत्मदाह की कोशिश की।
किसान का आरोप है कि उसके खेत के पास जर्जर चकरोड गुजर रहा है। इस चकरोड पर मिट्टी डलवाने के लिए वह पांच महीने में चार बार समाधान दिवस में शिकायत कर चुका है। लेकिन अभी तक समस्या का निस्तारण नहीं हो सका। बिसौली कोतवाली क्षेत्र के गांव परसेरा निवासी रमेश पाल ने 19 अक्तूबर 2024 को समाधान दिवस में अधिकारियों को दिए प्रार्थना पत्र में कहा था कि उसके खेत के पास चकरोड गुजर रहा है।
खेत के पास ही उसका निजी नलकूप है। कुछ लोगों ने चकरोड मार्ग पर अवैध तरीके से कब्जा कर लिया है। इससे उनका खेत पर जाने का निकास बंद हो गया है।
किसान ने अधिकारियों से चकरोड की पैमाइश कराने की मांग की थी। इसके बाद किसान ने दिसंबर में प्रार्थना पत्र दिया। जिसमें बताया कि ग्राम प्रधान की मौजूदगी में चकरोड की पैमाइश तो कर दी गई, लेकिन मार्ग पर मिट्टी डालकर मरम्मत कार्य नहीं किया गया। जिससे उनका निकास नहीं हो पा रहा है।
इसके बाद एक फरवरी को किसान ने समाधान दिवस में अधिकारियों को प्रार्थना पत्र दिया। इसमें बताया कि ग्राम प्रधान की मौजूदगी में लेखपाल ने चकरोड की पैमाइश कर दी। उन्होंने ग्राम प्रधान को कई बार मौखिक रूप से ग्राम प्रधान से चकरोड पर मिट्टी डलवाने के लिए कहा।
इसके अलावा खंड विकास अधिकारी से भी इसके निस्तारण की गुहार लगाई, लेकिन अब तक चकरोड को सही नहीं कराया। जिससे उनकी आलू की फसल की ढुलाई नहीं हो पाएगी।
शनिवार को यही शिकायत लेकर किसान बिसौली तहसील में आयोजित समाधान दिवस में पहुंचा। किसान ने अधिकारियों को शिकायत देने के बाद खुद के ऊपर डीजल छिड़ककर आत्मदाह का प्रयास किया। वहां मौजूद पुलिस कर्मियों ने समय रहते उसे पकड़ लिया।
किसान को कोतवाली ले जाया गया। जहां समझा बुझाकर शांत कराया गया। किसान के परिजन भी कोतवाली पहुंच गए। लेकिन पुलिस ने परिजनों से किसान की मुलाकात नहीं होने दी।
बिसौली कोतवाल विशाल प्रताप सिंह ने बताया कि किसान को कोतवाली लाया गया था। लेकिन तहरीर नहीं मिलने पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है।