लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर का 290वां जन्मोत्सव रविवार को धूमधाम से मनाया गया। चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर पुष्प अर्पित किए। गोष्ठी में माता के व्यक्तित्व पर चर्चा की। साथ ही मोहल्ले व राहगीरों को प्रसाद, शर्बत का वितरण किया। अखिल भारतीय पाल/बघेल महासभा की ओर से मोहल्ला पालनगर में लोकमाता देवी अहिल्याबाई का जन्मोत्सव मनाते हुए लोगों ने विचार रखे। संयोजक मंडल नेतराम पाल सिंह तथा रमेश चंद्र पाल ने कहा कि लोकमाता हमारी पृथ्वी पर देवी का रूप थीं। वह संघर्षशील, क्रांतिकारी, दयालु व धार्मिक प्रकृति की शासक रहीं थीं। उन्होंने जीवन में संघर्ष के साथ समाज का उत्थान करने की प्रेरणा दी। कहा कि समाज के विकास के लिए अलग हर इंसान को अपनी मर्यादा के अनुसार कार्य करना चाहिए। अशोक कुमार पाल ने समाज को संगठित एवं शिक्षित होने की बात की। कहा, तभी सफलता निश्चित है। गोष्ठी के बाद सभी मोहल्लों में तथा राहगीरों को प्रसाद, शर्बत वितरण किया गया। इस मौके पर रमेश चंद्र पाल, अशोक कुमार पाल, विजेंद्र सिंह पाल, दुर्गपाल सिंह पाल, जगन्नाथ प्रसाद पाल, रामपाल सिंह पाल, नेत्रपाल सिंह पाल, धीरज कुमार आदि मौजूद रहे।
इधर, लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर यूथ ब्रिगेड की ओर से लोकमाता का जन्मदिन मनाया गया। जगत के श्रीरामलीला मैदान में भारी संख्या में लोग पहुंचे। अध्यक्षता नेत्रपाल सिंह पाल की रही। मुख्य अतिथि राजूपाल ने भीड़ के उत्साह को देखते हुए विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। कहा, जो समाज राजनीति से दूर है उनकी तरक्की नहीं हो सकती। यदि समाज की तरक्की चाहिए तो समाज के युवाओं को संगठित रहने के साथ राजनीति में उतरना होगा। दिलीप धनगर ने उपस्थित जनसमूह में महिलाओं की भारी हिस्सेदारी को देखते हुए कहा कि जिस प्रकार जागरूक महिला के बिना घर नहीं चलता, उसी प्रकार समाज भी नहीं चल सकता है। कार्यक्रम में मुकेश कुमार पाल, शैलेंद्र पाल, डॉ. रामेंद्र पाल, विनोद कुमार पाल, शीलेंद्र कुमार, डॉ. महेंद्र सिंह धनगर, सुमित पाल, प्रेमपाल, श्रीराम दीन पाल फौजी आदि मौजूद रहे।