बदायूं। मंगलवार को जिले में आरक्षण सूची वायरल होने पर जिला प्रशासन हरकत में आ गया है। इसको गंभीरता से लेते हुए सीडीओ ने पंचायतीराज विभाग का एक कंप्यूटर जब्त कर लिया है। साथ ही बिल्सी थाने में एक वकील की ओर से सूची वायरल करने में एक पोर्टल संचालक के खिलाफ रिपोर्ट भी कराई गई है।
पंचायत चुनाव को लेकर जिला प्रशासन तैयारियों में जुटा हुआ है। कई दिन से आरक्षण सूची जारी करने की तैयारियां चल रहीं थीं। बुधवार को ये सूची जारी होनी थी लेकिन ये सूची एक दिन पहले यानी मंगलवार को ही वायरल हो गई। शाम होते-होते ये सूची जिले के सभी व्हाट्सएप ग्रुप में पहुंच गई। जब इसके बारे में अधिकारियों को पता चला तो हड़कंप मच गया। इस पर अधिकारियों ने छानबीन शुरू कर दी। विभागीय सूत्रों के मुताबिक बुधवार को अपने कार्यालय में बैठीं सीडीओ निशा अनंत ने पंचायतीराज विभाग का एक कंप्यूटर अपने कार्यालय में मंगा लिया। बताया जा रहा है कि इसी कंप्यूटर में आरक्षण सूची थी। इसी कंप्यूटर पर सूची का काम हुआ था। संदेह के आधार पर सीडीओ ने कंप्यूटर को जब्त कर लिया है। उन्होंने इसकी जांच शुरू करा दी है। हालांकि सार्वजनिक तौर पर सीडीओ कंप्यूटर जब्त करने की बात स्वीकार नहीं कर रहीं हैं।
इधर, आरक्षण सूची वायरल होने के मामले में बिल्सी पुलिस ने एक पोर्टल चलाने वाले युवक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। इस संबंध में अलापुर निवासी अधिवक्ता अरुण कुमार गुप्ता ने बिल्सी पहुंचकर ग्राम अंबियापुर निवासी रवेंद्र शाक्य के खिलाफ तहरीर दी। इस पर पुलिस ने आईटी एक्ट के तहत रिपोर्ट लिख ली है। रवेंद्र शाक्य पर आरक्षण सूची को बदलकर वायरल करने का आरोप है।
पंचायत चुनाव की आरक्षण सूची एक दिन पहले वायरल हुई है। इस संबंध में कोई कंप्यूटर नहीं मंगाया गया है। ये विभागीय सूचना है। इसके बारे में जानकारी नहीं दी जा सकती। - निशा अनंत, सीडीओ