आसफपुर (बदायूं)। आसफपुर में एक बदहाल रास्ता ग्रामीणों के लिए मुसीबत का कारण बना हुआ है। मंगलवार दोपहर बिना कोई काम कराए मिस्त्री मजदूरों के साथ आई ब्लॉक की टीम लोकार्पण का पत्थर लगाकर खिसक गई। ग्रामीणों ने इस पर तीखा विरोध जताया है। नाराज ग्रामीणों ने पंचायत विभाग के इस फर्जी शिलान्यास की शिकायत डीएम सहित चुनाव आयोग से की है।
आसफपुर के मौर्या-शाक्य मोहल्ले में मंगलवार दोपहर ब्लॉक मुख्यालय की टीम 65 मीटर निर्मित सीसी सड़क के लोकार्पण का पत्थर लगाने पहुंच गई। इस पत्थर पर लिखा है कि राजेश मौर्या के मकान से रामबहादुर की दुकान तक सीसी रोड का कार्य पूर्ण हुआ। क्षेत्रीय विधायक के हाथों इस रोड का लोकार्पण करने का जिक्र भी इस पर लिखा था। मोहल्ले के लोगों ने जब बगैर सड़क निर्माण के फर्जी पत्थर लगते देखा तो विरोध करना शुरू कर दिया।
ग्रामीणों ने बताया कि यह सड़क काफी समय से जर्जर स्थिति में है। यहां रात को छोड़िए दिन में भी निकलना मुश्किल है। सड़क पर हर समय जलभराव रहता है। मुख्य मार्ग होने से स्कूली बच्चों व अन्य राहगीरों को उधर से निकलने में काफी मशक्कत करनी पड़ती है। ग्रामीणों का आरोप है कि सत्ता का दुरुपयोग करके जनप्रतिनिधियों ने इस मार्ग को कागजों में सीसी रोड का निर्माण दिखा कर लाखों रुपये की रकम हड़प ली है। इस संबंध में आयोग से शिकायत की गई है। शिकायत करने वालों में मदनलाल, टीकाराम, किशनपाल, अमर सिंह, सत्यप्रकाश, भगवान स्वरूप, ऊदल सिंह, नेमचंद्र, ब्रजपाल, दिनेश चंद्र, छत्रपाल, गोविंद, रोहित, अर्पित आदि शामिल हैं।
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इस तरह आचार संहिता के दौरान कोई लोकार्पण का पत्थर लगाने का मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। अगर ऐसा हुआ है तो गलत है। इसकी स्थलीय जांच कराई जाएगी।
- नरेंद्र कुमार, प्रभारी खंड विकास अधिकारी आसफपुर
कस्बे में लगाया गया लोकार्पण का पत्थर। संवाद- फोटो : BADAUN