जयपाल पर फावड़े से 11 तो युवती पर किए थे छह वार
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक युवक पर फावड़े से 11 वार तथा युवती पर छह वार किए गए थे। इससे साफ है कि हत्यारोपियों के सिर पर हत्या का भूत सवार था। क्रोध का बेग इतना तेज था कि फावड़े से तब तक प्रहार किए गए तब तक उनकी मौत न हो गई।
ऑनर किलिंग साबित करने पर अड़े रहे परिजन और वकील
प्रेमी युगल को फावड़े से काटकर हत्या के मामले को कोर्ट ने ऑनर किलिंग नहीं माना। यही वजह रही कि सजा फांसी की बजाय आजीवन कारावास की सुनाई गई। इस बारे में शासकीय अधिवक्ता संजीव गुप्ता ने भी दलीलें पेश की लेकिन कोर्ट ने इनको खारिज कर दिया। तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सोमवार को सुना दी गई।
दो जनवरी 2024 में हुई थी वारदात
बिल्सी थाना क्षेत्र के गांव परौली में दो जनवरी 2024 को दिल दहला देने वाली घटना हुई थी। सूरजपाल के बेटे जयपाल का गांव के महेश की बेटी से प्रेम प्रसंग था। महेश को जब इसकी भनक लगी तो वह गुस्से से आग बबूला हो गया था। दो जनवरी को उसने अपने पिता रामौतार व पत्नी भागवती के साथ मिलकर अपनी बेटी व उसके प्रेमी की फावड़े से काटकर निर्ममता से हत्या कर दी थी।
तीन लोगों के खिलाफ मामला कोर्ट में चला। शासकीय अधिवक्ता संजीव गुप्ता ने फांसी की सजा के लिए तमाम दलीलें व अन्य न्यायालयों के उदाहरण पेश किए लेकिन न्यायालय ने मामले को ऑनर किलिंग नहीं माना। यही वजह रही कि फांसी की सजा न सुनाकर दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।