उझानी। उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड के बकाया ऋण को लेकर कुर्क भूमि की वास्तविकता छिपाकर उसे पड़ोसी गांव के व्यक्ति को बेचने के लिए सौदा कर दिया। आरोपियों ने तीन बार में 7.59 लाख रुपये भी ले लिए। हकीकत सामने आने पर रुपये नहीं लौटाए। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर चार सगे भाइयों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
धोखाधड़ी का मामला वर्ष-2023 का है। कोतवाली क्षेत्र के गांव बुर्रा फरीदपुर निवासी अतुलेश पुत्र अजयपाल सिंह की ओर से कोर्ट के आदेश पर दर्ज रिपोर्ट में कहा है कि पड़ोसी पतौरा के चार लोग उनके पिता के पास पहुंचे। उन्होंने अजयपाल को बताया कि उनकी मां अपनी भूमि बेच चुकी हैं, उसके पास की भूमि वह बेचना चाहते हैं। उस वक्त अतुलेश के पिता ने अपने परिजनों से मशविरा कर बात करने की कहकर उन्हें टरका दिया। इसके बाद भूमि का सौदा कर दिया गया। आरोपियों ने तीन बार में 7.59 लाख रुपये ले लिए। दो बार में तीन लाख रुपये चेक से तो बाकी की रकम नकद दी गई।
अतुलेश के मुताबिक, उसी दौरान परिवार के लोगों ने भूमि के बारे में जानकारी की तो पता लगा कि वह उत्तर प्रदेश सहकारी बैंक ग्राम विकास बैंक लिमिटेड में बंधक होने के बाद कुर्क हो चुकी है। अतुलेश और उनके परिजनों ने आरोपियों से रकम लौटाने को कहा। इस संबंध में 30 मार्च- 26 को पंचायत भी हुई। पंचायत में कोई बात नहीं बनी। पंचायत में आरोपियों ने अतुलेश को रुपये नहीं लौटाने की बात कहकर धमका दिया। इसकी शिकायत कोतवाली पुलिस के अलावा आला अधिकारियों से भी की गई।
कार्रवाई न होने पर अतुलेश ने कोर्ट की शरण ली। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर कोतवाली क्षेत्र के गांव पतौरा निवासी निरोत्तम, अरविंद, अवधेश और जसवीर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। चारों आरोपी सगे भाई हैं। पुलिस ने विवेचना शुरू कर दी है।