शहर विधायक आबिद रजा की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रहीं। उनके खिलाफ सदर कोतवाली में अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया गया है। आरोप है कि पप्पू नाम के अगवा युवक को मुक्त करने के लिए सदर विधायक आबिद रजा और उनके पीए अजहर सिद्दीकी ने 25 लाख रुपये वसूले थे। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी है।
बिनावर थाने के गांव कुतुबपुर थरा निवासी निहाल उद्दीन के बेटे पप्पू के खिलाफ शहर के मोहल्ला चाहमीर निवासी राम नरायण ने अक्तूबर 2014 में मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद वह अपने भतीजे इस्हाक के साथ सदर विधायक आबिद रजा के आवास पर पहुंचा। आबिद रजा ने मुकदमे से पप्पू का नाम निकलवाने के लिए 25 लाख रुपये की मांग की। कहा कि यह रुपया पार्टी फंड में जमा करना है। उसने कहा कि इतनी बड़ी रकम का इंतजाम करने में कुछ वक्त लगेगा। इसके बाद आबिद रजा और उनके पीए अजहर सिद्दीकी ने पप्पू को कमरे में बंद कर लिया। कहा कि अगर 25 लाख रुपये नहीं दोगो तो पप्पू को जान से मार देंगे।
निहालउद्दीन के मुताबिक 28 नवंबर 2014 को दिन में 11 बजे वह 25 लाख रुपये लेकर विधायक आबिद रजा के आवास पर पहुंचे। यहां 20 लाख रुपये आबिद रजा ने और पांच लाख अजहद सिद्दीकी ने लिए। इन लोगों ने इसके बाद पप्पू को मुक्त कर दिया। इसके बाद भी मुकदमे से पप्पू का नाम नहीं निकाला गया। पुलिस का दबाव पड़ने पर 11 दिसंबर 2012 को उसने पप्पू को सीजेएम कोर्ट में हाजिर कर दिया। हाईकोर्ट से छह नवंबर 2015 को पप्पू को जमानत मिल गई। इस दौरान वह कई बार विधायक के पास गया। विधायक से रुपये मांगे, तो उन्होंने धमकी दी। भविष्य में रुपये मांगने पर खामियाजा भुगतने की बात कही। पिछले दिनों निहालउद्दीन ने एसएसपी के समक्ष पेश होकर न्याय की फरियाद की थी। एसएसपी इंस्पेक्टर कोतवाली को जांच कर कार्रवाई का आदेश दिया। इसके बाद पुलिस ने विधायक आबिद रजा और उनके पीए अजहर सिद्दीकी के खिलाफ अपहरण और मारपीट की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
दो साल पुराने मामले को ऐरसे ही नहीं मिली हवा
बदायूं। सदर विधायक के खिलाफ दो साल पुराने इस मामले को ऐसे ही हवा नहीं मिली है। विधायक और सांसद धमेंद्र यादव के बीच राजनीतिक जंग किसी से छिपी हुई नहीं है। पूरे घटनाक्रम से सभी लोग वाकिफ हैं। विधायक ने पप्पू को मुक्त करने के बदले 25 लाख रुपये वसूले या नहीं यह तो विवेचना का विषय है, लेकिन इतना साफ है कि इसके बाद विधायक की मुश्किलें और बढेंगी।
पड़ताल में प्रथम दृष्टया अपराध सामने आया है। उसी के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है। विवेचना में सच्चाई सामने आ जाएगी। पूरे मामले से उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
-एसपी उपाध्याय, इंस्पेक्टर कोतवाली
जिसकी हैसियत एक लाख रुपये की नहीं है। वह इतनी बड़ी रकम कहां से देगा। सांसद धर्मेंद्र यादव इस स्तर तक उतर आएं हैं। पहले मेरे मुसलमान कार्यकर्ताओं पर फर्जी मुकदमे लिखवाए, अब उन पर, लेकिन मुझे कोर्ट पर पूरा भरोसा है। मैं कोर्ट जाऊंगा। इंसाफ मिलेगा।
-आबिद रजा, विधायक सदर विधानसभा