खेत में निराई करके थके दिव्यांग युवक को पीपल की छांव उस वक्त जानलेवा बन गई जब उस पर मधुमक्खियों के झुंड ने हमला कर दिया। वह भाग भी नहीं पाया। मधुमक्खियों के काटने से बेचैन युवक को लेकर घरवाले निजी डॉक्टर के पास पहुंचे लेकिन हालत बिगड़ती चली गई। इलाज के दौरान ही देर शाम उसकी मौत हो गई।
मामला कोतवाली क्षेत्र के गांव बुटला दौलत का है। दिव्यांग कमलेश कुमार (21) पुत्र स्व. होरी लाल दो दिन पहले खेत पर फसल की निराई को पहुंचा। दोपहर में थक जाने के बाद वह पास में पीपल के पेड़ के नीचे लेट गया। उसी दौरान मधुमक्खियों का झुंड उसके ऊपर टूट पड़ा। वह चीखता रहा लेकिन बचाव में भाग नहीं पाया। चीख-पुुकार सुन मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने पूलों में आग जला कर मधुमक्खियों को भगाया।
बेहोशी की हालत में उसे लेकर ग्रामीण और घरवाले निजी चिकित्सक के पास भी गए। अगले दिन तक उसका इलाज भी चला लेकिन हालत बिगड़ती चली गई। इलाज के दौरान ही बृहस्पतिवार शाम को कमलेश की मौत हो गई। मृतक के छोटे भाई बॉबी ने बताया कि उसके पास जमीन-जायदाद नहीं है। कमलेश दिव्यांग होने के बाद भी मेहनत-मजदूरी करके ही परिवार के सदस्यों की आजीविका में मदद करता था।