कादरचौक। ककोड़ा गांव में किशोर राजीव को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में पुलिस ने मां-बेटी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। रिपोर्ट में पीड़ित पिता ने आरोप लगाया है कि गंगा स्नान के दौरान सूरज के डूबने के प्रकरण में पंचायत कर कुछ लोगों ने बेटे राजीव सहित चार युवकों पर दस-दस हजार का जुर्माना लगाया था। जमा न करने पर सूरज की पत्नी और सास ने राजीव को ताना मारते हुए कहा था कि मरकर दिखाओ, पचास हजार हम देंगे। इसके बाद बेटे राजीव ने जंगल में पेड़ से लटककर अपनी जान दे दी थी।
पिता सुल्तान सिंह ने कादरचौक थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा है कि आठ जून को उनका बेटा राजीव सिंह (15) गांव के चार अन्य युवकों के साथ गंगा स्नान के लिए गया था। इस दौरान गांव का सूरज गहरे पानी में डूब गया था। घटना के बाद सूरज की पत्नी शीतल और उसकी मां ने गांव में पंचायत बुलाकर साथ गए लोगों से आर्थिक सहायता की मांग की। पहली पंचायत में कोई निर्णय नहीं हुआ। फिर 23 जून को दोबारा हुई पंचायत में प्रत्येक पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया था।
पिता ने पुलिस को यह भी बताया था कि राजीव ने तत्काल रुपये न होने पर अपनी मोटरसाइकिल गिरवी रखने की बात कही थी। इसी दौरान सूरज की पत्नी और उसकी मां ने उसे ताना देते हुए कहा कि यदि रुपये नहीं दे सकते तो मरकर दिखाओ, हम तुम्हारे परिवार को 50 हजार रुपये दे देंगे।
ताने से आहत होकर राजीव ने उसी दिन देर शाम गांव के बाहर खेत में नीम के पेड़ से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में केस दर्ज कर जांच शुरु कर दी है। इधर, एसपी सिटी अभिषेक कुमार सिंह ने बताया कि प्रकरण में दो महिलाओं के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर जांच कराई जा रही है।