बिजली विभाग के दफ्तर में सोमवार दोपहर हाई वोल्टेज ड्रामा हुआ। आरोप है कि यहां भाजपा जिलाध्यक्ष और उनके साथ आए करीब 20 लोगों ने एक्सईएन और जेई से मारपीट की। आरोप था कि यह लोग बिजली चोरी में पकड़े कार्यकर्ता के खिलाफ दर्ज रिपोर्ट वापस लेने का दबाव बना रहे थे। झगड़े के बाद अधिकारियों ने डीएम से मुलाकात और एसएसपी से शिकायत की तो देर रात सिविल लाइंस थाने में जिलाध्यक्ष और साथियों के खिलाफ मारपीट और सरकारी काम में बाधा डालने की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। उधर, जिलाध्यक्ष ने एक्सईएन पर अभद्रता का आरोप लगाया।
सोमवार दोपहर दो बजे भाजपा जिलाध्यक्ष हरीश शाक्य अपने 15-20 साथियों के साथ आवास विकास स्थित बिजली विभाग के दफ्तर में पहुंचे। यहां वे लोग छत पर स्थित अधिशासी अभियंता प्रथम खंड विजेंद्र सिंह के कार्यालय में घुस गए। कमरे के अंदर पांच मिनट तक हंगामा हुआ और थोड़ी देर बाद भाजपाई कार से लौट गए। बाद में विजेंद्र सिंह और जेई पवन कुमार बदहवास से नीचे आए। विजेंद्र सिंह ने अधीक्षण अभियंता मधुप श्रीवास्तव समेत बाकी अधिकारियों को घटना की जानकारी दी। सभी अधिकारी पहले जाकर डीएम से मिले। वहां काफी देर कार्रवाई को लेकर मंथन चलता रहा। डीएम के यहां से यह लोग सिविल लाइंस थाने आ गए।
यहां विजेंद्र सिंह ने इंस्पेक्टर देवेश सिंह को तहरीर देकर बताया कि भाजपा जिलाध्यक्ष ने उनके साथ मारपीट की है। पवन की अंगुलियों में चोट आई है। बताया कि रविवार को प्रोफेसर कॉलोनी में विभाग की टीम ने बिजली चोरी के मामले में कुछ लोगों के खिलाफ कार्रवाई की थी। इनमें से एक नत्थूलाल वर्मा भी थे। जिलाध्यक्ष उन्हें अपना कार्यकर्ता बताते हुए फोन कर रहे थे कि उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज न कराई जाए। उन्होंने इससे इंकार कर दिया। कहा कि बिजली चोरी पकड़ी गई है तो रिपोर्ट जरूर होगी। सोमवार को सदर कोतवाली में
नत्थूलाल के खिलाफ जेई ने रिपोर्ट भी करा दी। इसी बात से नाराज होकर यह लोग आए थे। उनसे बिजली चोरी की रिपोर्ट वापस लेने का दवाब बना रहे थे। उन्होंने इंकार किया तो उनसे अभद्रता की। जेई को भी पीटा। कुर्सियां तोड़ डालीं और सरकारी काम में बाधा डाल दी। घटना से उनके कार्यालय के सभी कर्मचारी काफी भयभीत हो गए हैं। हरीश शाक्य और उनके करीब बीस साथियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जाए। इंस्पेक्टर ने जांच की बात कहकर टालने की कोशिश की तो अधीक्षण अभियंता मधुप श्रीवास्तव ने एसएसपी को फोन मिला दिया। उनके निर्देश पर सिविल लाइंस पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली। करीब डेढ़ महीने पहले भी एक भाजपा नेता ने इन्हीं अधिकारी से उनके दफ्तर में नोकझोंक की थी। उनके व्यवहार को लेकर नेता को शिकायत थी। हालांकि मामले को स्थानीय स्तर पर मैनेज कर लिया गया था।
बिजली विभाग के अधिकारियों ने घटना के बारे में बताया था। उन्होंने भाजपा जिलाध्यक्ष और उनके साथियों के खिलाफ तहरीर दी थी। इस मामले में रिपोर्ट कराने के आदेश दिए हैं। विवेचना के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
- चंद्रप्रकाश, एसएसपी
इस घटना के बाद बिजली विभाग के अधिकारियों की प्रांत स्तरीय यूनियन ने उन्हें जिले की बिजली सप्लाई बंद करने को कहा था। हालांकि जनता की समस्या बढ़ाने वाला काम करना नहीं चाहते। अगर किसी अधिकारी से कोई समस्या है तो नेताओं को उसका ट्रांसफर, निलंबन करा देना चाहिए। उच्चस्तर पर शिकायत करनी चाहिए। दफ्तर में घुसकर मारपीट करना तो गलत है। हमें रिपोर्ट दर्ज करने का आश्वासन दिया गया है। - मधुप श्रीवास्तव, अधीक्षण अभियंता
जिलाध्यक्ष ने एक्सईएन पर ही लगाए आरोप
भाजपा जिलाध्यक्ष हरीश शाक्य का कहना था कि नत्थूलाल का अकेला मामला नहीं था। उनके पास तो इन एक्सईएन विजेंद्र सिंह के व्यवहार को लेकर कई शिकायतें आई थीं। उपभोक्ताओं का आरोप था कि सुविधा शुल्क देने पर बिजली वाले कोई कार्रवाई नहीं करते हैं, जबकि सामान्य बातों में ही आम आदमी को परेशान करते रहते हैं। इन्हीं शिकायतों के निस्तारण को जब उन्होंने एक्सईएन को फोन किया तो कई बार उठाया नहीं। जब उठाया तो अभद्र भाषा में बात की। वह इसी बारे में नाराजगी जताने गए थे कि जब नेताओं की नहीं सुन रहे हो तो
आम आदमी की फरियाद क्या सुनोगे ? कोई मारपीट नहीं की। फिजूल में आरोप लगाए जा रहे हैं।