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‘शतरंजी मोहरा’ बना जिला पंचायत का परिसीमन

Thu, 26 Mar 2015 07:26 PM IST
badaun
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पंचायतों में वार्डों के गठन में सबसे अधिक महत्व के वार्ड जिला पंचायत के माने जाते हैं। ग्राम पंचायत से अधिक क्षेत्र पंचायतों के वार्डों के परिसीमन में और उससे कहीं अधिक जिला पंचायत के वार्ड गठन में मुश्किलें खड़ीं हैं। इसमें राजनीतिक लोग शतरंजी चाल चलकर वार्डों का परिसीमन अपने गणित अनुसार चाहते हैं, ताकि आगामी जिला पंचायत की लालबत्ती वाली कुर्सी को जंग लड़ने में उनके माफिक परिसीमन हो जाए। इसी रस्साकसी के बीच तीन ब्लाक मुख्यालयों में जिला पंचायत का वार्ड परिसीमन लटका हुआ है। यह तो ऐसे लोगों को और अच्छा हो गया कि परिसीमन अभियान और आगे बढ़ा दिया गया है। प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों की अंतिम सूची जो तीन अप्रैल तक जानी थी। नए अभियान में 17 अप्रैल तक जा सकेगी।
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ग्राम पंचायतों के गठन के बाद जिले में 885 ग्राम पंचायतों की संख्या बढ़कर 1,038 हो गई है। ग्राम पंचायतें बढ़ीं, तो जाहिर है कि ग्राम पंचायतों, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के वार्ड भी बढ़ेंगे। ग्राम पंचायतों में अबतक 10,943 वार्ड थे जो बढ़कर 12,872 के करीब पहुंच चुके हैं। वहीं क्षेत्र पंचायतों के वार्डों की संख्या भी बढ़ रही है। 2,000 की संख्या पर क्षेत्र पंचायत के वार्ड बनाए जा रहा हैं। जिला पंचायत में 49 वार्ड थे, उसके लिए भी मशक्कत जारी है, लेकिन इसमें राजनीतिक हस्तक्षेप सबसे अधिक है। लालबत्ती वाली सीट होने के कारण इस पर राजनीतिक दलों, खासकर सत्ता पक्ष की नजर अधिक है। फिलहाल जिला पंचायत की कुर्सी बसपा के हाथ होने के कारण सत्ता पक्ष इसे हथियाने की फिराक में लगा हुआ है। राजनीतिक हस्तक्षेप और शतरंजी चालों के बीच इनके गठन में बेहद कठिनाइयां आ रही हैं।
इन ब्लाक क्षेत्रों में पैदा हुईं वार्ड परिसीमन में कठिनाइयां
इस्लामनगर ब्लाक: जनसंख्या में अंतर बताकर उलझाया है जिला पंचायत वार्डों का गठन
सालारपुर ब्लाक: नक्शे में दोष बताकर लटकाया जा रहा है वार्डों का गठन
जगत ब्लाक: कुछ वार्डों को म्याऊ ब्लाक में ले जाने की बात कर पैदा की गई हैं कठिनाइयां

इस प्रकार किए गए हैं वार्डों में परिसीमन
- 1,000 आबादी तक नौ वार्ड
- 1,001 से 2,000 आबादी तक 11 वार्ड
- 3,001 से 3,000 आबादी तक 13 वार्ड
- 3,001 से अधिक आबादी तक 15 वार्ड
- 2,000 की आबादी पर होगा क्षेत्र पंचायत का वार्ड
- 50,000 की आबादी पर बनेगा जिला पंचायत का वार्ड


जिले में पंचायतों की स्थिति
पूर्व में ग्राम पंचायतें- 885
परिसीमन के बाद ग्राम पंचायतें- 1038
ब्लाक- 15
राजस्व गांवों की स्थिति
आबाद गांव-1579
गैर आबाद गांव- 209

परिसीमन अभियान की समय सीमा बढ़ी
पूर्व में परिसीमन अभियान 12 फरवरी से शुरू होकर तीन अप्रैल तक सुनिचित था, लेकिन नए आदेशों के अनुसार 27 मार्च को ग्राम, क्षेत्र और जिला पंचायत के प्रादेशिक निर्वाचान क्षेत्रों (वार्डों) की प्रस्तावित सूची की तैयारी और उसका प्रकाशन होगा। 28 मार्च से तीन अप्रैल तक आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। चार से 10 अप्रैल तक आपत्तियों का निस्तारण होगा और 11 अप्रैल से 17 अप्रैल तक वार्डों की अंतिम सूची का प्रकाशन होगा।
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नए कार्यक्रम के तहत वार्डों के परिसीमन में कुछ समय और मिल गया है। इससे परिसीमन की खामियों पर नजर भी रखी जा रही है। परिसीमन नियमानुकूल कराया जा रहा है। पारदर्शिता रखी जा रही है। किसी राजनीतिक हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं किया जा रहा है। आपत्तियों पर डीएम की कमेटी ही विचार करेगी। - राजेश यादव, डीपीआरओ
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