उझानी में घटना की जानकारी देते कैंटर मालिक और हेल्पर। संवाद
उझानी। कासगंज में मेटाडोर बेचने के बाद बकाया रकम के लेकर दो पक्ष विवाद है। विक्रेता अपना कैंटर लेकर हरदोई जाने को निकला तो रास्ते में उसे और हेल्पर के साथ मारपीट की गई। हमलावरों ने उसका कैंटर छीन लिया। पुलिस के पहुंचने से पहले आरोपी पकड़े जाने के डर से कैंटर हाईवे पर छोड़कर भाग गए।
कासगंज के सहावर थानाक्षेत्र के गांव सतरोई निवासी मेघ सिंह पुत्र मिट्ठूलाल ने पुलिस को बताया कि मंगलवार की शाम को वह गोराहा से अपना कैंटर लेकर हरदोई के शाहबाद के लिए निकले। बदायूं में छतुइया रेलवे फाटक के पास कार सवार लोगों ने उसे घेर लिया। मेघ सिंह और उसके हेल्पर ब्रजेश की पिटाई कर कैंटर छीन लिया गया। मेघ सिंह ने फोन कर पुलिस बुला ली। पुलिसकर्मी आरोपियों की तलाश कर रहे थे, तभी दूसरे पक्ष के लोग हाईवे पर कैंटर छोड़कर भाग गए।
कैंटर मालिक मेघ सिंह ने बताया कि उन्होंने फरवरी में अपनी एक मेटाडोर 10 लाख रुपये में कासगंज के ही परिचित दो लोगों को बेच दी थी। खरीदारों ने उसे छह लाख रुपये दिए थे। बाकी के चार लाख रुपये बाद में देने को कह दिया गया था। इसके बाद आरोपियों ने मेटाडोर गायब कर दी। बकाया रुपये मांगने को लेकर आरोपी उससे रंजिश मानने लगे। घटना के दौरान कार सवार लोगों में दोनों खरीदार भी थे, उन्हें उसने पहचान लिया। प्रभारी निरीक्षक नीरज मलिक ने बताया कि विवाद रुपयों के लेनदेन का है। दूसरे पक्ष का बुलाया गया है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कार्रवाई करेंगे।
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मारपीट में सामने आया ढाबा संचालक का नाम
- छतुइया रेल फाटक के पास मारपीट के मामले में आरोपियों के साथ कस्बे का ही एक ढाबा संचालक भी बताया जा रहा है। ढाबा संचालक ने मेटाडोर को बिकवाया था। पुलिस कर्मियों ने जब ढाबा संचालक पर दवाब डाला, तभी आरोपियों को हाईवे पर कैंटर छोड़कर भागना पड़ गया था।