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चीनी मिलों पर किसानों का 142 करोड़ 76 लाख का बकाया, प्रशासन मौन

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बदायूं। जिले के गन्ना किसानों का चीनी मिलों पर करोड़ों रुपये बकाया आ रहा है। इसको लेकर किसान शासन-प्रशासन से कई बार गुहार लगा चुके हैं। यहां तक की किसानों ने धरना प्रदर्शन कर आमरण अनशन तक किया। तब जाकर प्रशासन ने किसानों की समस्याओं की ओर ध्यान दिया। चीनी मिलों पर दवाब बना तो किसानों को कुछ भुगतान हो सका। लेकिन बाद में प्रशासन के शांत बैठने और लॉकडाउन के चलते किसानों की समस्या जस की तस बनी है। बकाया भुगतान न होने से किसानों के सामने आर्थिंक संकट की स्थिति आ गई है।
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सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ का सीधा फोकस किसान और श्रमिक हैं। इसको लेकर शासन की तरफ से समय-समय पर अधिकारियों को निर्देशित भी किया जाता रहता है। ताकि इन लोगों को किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो। लेकिन गन्ना किसान बकाया भुगतान न होने से काफी परेशान हैं। इन किसानों ने चीनी मिलों को अपनी फसल तो बेच दी लेकिन आज तक भुगतान नहीं हो पाया है। हालात यह हैं कि जिले के किसानों का चीनी मिलों पर 142 करोड़ 76 लाख रूपये बकाया आ रहा है। ऐसे में किसान अधिकारियों के चक्कर लगाते- लगाते परेशान हो चुके हैं।
ये हैं चीनी मिलें -- बकाया धनराशि
सहकारी चीनी मिल शेखूपुर- 2240.06 लाख रुपये
यदु शुगर मिल बिसौली- 7297 लाख रुपये
रजपुरा चीनी मिल- 308.78 लाख रुपये
न्यौली चीनी मिल- 1672.19 लाख रुपये
फरीदपुर चीनी मिल- 62.10 लाख रुपये
करीमगंज चीनी मिल- 1779.35 लाख रुपये
मझावली चीनी मिल- 166.10 लाख रुपये
बिलारी चीनी मिल- 752.10 लाख रुपये
गेहूं का भुगतान न होने से किसान परेशान
बदायूं। जरीफनगर साधन सहकारी समिति दहगंवा पर किसानों द्वारा गेहूं डाले करीब 15 दिन बीत गए हैं। लेकिन अभी तक किसानों को गेहूं का भुगतान नहीं हो पाया है। किसान बैक में जाता है और खाली हाथ वापस आ जाता है जबकि तीसरे दिन भुगतान का आदेश है। किसानों ने डीएम से भुगतान कराने की मांग की है।
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चीनी मिल संचालकों को निर्देशित किया है कि सभी किसानों को बकाया जल्द से जल्द कर दिया जाए। अन्यथा चीनी मिल प्रबंधक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - राम किशन, जिला गन्ना अधिकारी
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