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चीनी मिल बंद...कोल्हू शुरू, सस्ते में गन्ना बेचने को मजबूर हो रहा अन्नदाता

Wed, 21 Oct 2020 11:27 AM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, बदायूं
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गन्ने की नर्सरी - फोटो : अमर उजाला
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जिले में गन्ने की फसल पूरी तरह से तैयार हो चुकी है। किसानों ने फसल काटना शुरू कर दिया है। शासन से चीनी मिलों को चलाने के लिए नवंबर का समय दिया गया है। ऐसे में मिल शुरू न होने से किसानों को मजबूरी में गन्ने की फसल को कोल्हू पर बेचना पड़ रहा है। कोल्हू वाले इसका जमकर फायदा उठा रहे हैं और वह सस्ते दाम पर किसानों से गन्ना खरीद रहे हैं। इससे किसानों को काफी नुकसान हो रहा है। वहीं दूसरी ओर यदु शुगर मिल पर करीब 70 लाख रुपये बकाया आ रहा है। बकाया भुगतान दिलाने के लिए किसान अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।

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केंद्र से लेकर प्रदेश सरकार की तरफ से किसानों की आय दोगुनी करने की बात कही जा रही है, ताकि किसानों को उनकी फसल से फायदा मिल सके। इसके लिए सरकार की ओर से गन्ने का समर्थन मूल्य घोषित किया गया है। लेकिन सरकार की मंशा केवल मंचों से भाषण और सरकारी अभिलेखों तक ही सीमित होकर रह गई हैं। हालत ये है कि गन्ना किसानों ने पिछले साल जो चीनी मिल को गन्ना की फसल दी थी, उसका आज तक भुगतान नहीं हो सका है। ऐसे में किसान अभी भी आर्थिक तंगी से जूझ रहा है, क्योंकि तमाम किसानों ने कर्ज लेकर इस साल गन्ने की फसल की थी, जो अब खेतों में तैयार हो गई है और किसानों ने इसे काटना शुरू कर दिया है।

चीनी मिलों के शुरू होने की तिथि नवंबर रखी गई है, ऐसे में किसानों को मजबूरी में अपना गन्ना कोल्हुओं पर डालने पर मजबूर होना पड़ रहा है। इसकी वजह ये है कि अभी तक भुगतान नहीं मिलने के कारण गन्ना किसान बैंकों से लिया हुआ कर्ज भी जमा नहीं कर पाए हैं। ऐसे में बैंकों की ओर से कर्ज जमा करने के लिए लगातार फोन आ रहे हैं, जिसकी वजह से किसानों ने कोल्हू पर गन्ना बेचना शुरू कर दिया है। किसानों की मजबूरी का फायदा उठाते हुए कोल्हू संचालक सस्ते दामों पर गन्ने की खरीद कर रहे हैं। इस तरह किसानों पर दोहरी मार पड़ रही है।
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चीनी मिल में प्रति क्विंटल गन्ना भुगतान
- अगैती गन्ना - 325 रुपये
- सामान्य गन्ना - 315 रुपये

कोल्हू पर प्रति क्विंटल गन्ना भुगतान
- अगैती गन्ना का -250 रुपये
- सामान्य गन्ना का 190 से 200 रुपये
- किसानों को नुकसान- 75 से 125 रुपये

यदु मिल चीनी मिल पर बकाया करोड़ों रुपये
-जनपद के गन्ना किसानों का यदु शुगर मिल पर करीब 70 करोड़ रुपये पिछले साल का बकाया आ रहा है जो तमाम प्रयासों के बाद भी आज तक गन्ना किसानों को नहीं मिल सका है। जबकि नियम ये है कि गन्ने की तौल होने के बाद 14 दिनों के अंदर किसानों का भुगतान हो जाना चाहिए।

गन्ना किसान काफी परेशान हैं। उनके सामने तमाम परेशानी है। एक तो उन्हें अभी तक पिछले साल का भुगतान नहीं मिला है। कई बार चीनी मिल अधिकारियों से लेकर जिला प्रशासन के अधिकारियों से मांग की, लेकिन कोई फायदा नहीं निकला।
- रजनेश पटेल, बेला गांव

 

गरीब, किसानों की कोई नहीं सुन रहा है। यही वजह है कि आज तक किसानों को अपनी फसल का भुगतान तक नहीं मिल सका है। सोचा था कि कोल्हू पर गन्ना डालकर कुछ रुपये आ जाएंगे, जिससे समय कट जाएगा, लेकिन वहां पर औने-पौने दामों में गन्ना लिया जा रहा है।
- जमुना प्रसाद, पड़ौलिया

 

जनपद में चीनी मिल नवंबर से शुरू होनी है। लेकिन अभी तिथि निर्धारित नहीं की गई है। तिथि घोषित होने के बाद ही गन्ना किसान चीनी मिल पर अपना गन्ना डाल सकते हैं। चीनी मिल पर जो पिछले साल का बकाया आ रहा है। उसको दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।

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रामकिशन, जिला गन्ना अधिकारी

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