जीआईसी से परीक्षा देकर निकलते परीक्षार्थी। संवाद
बदायूं। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित आरओ (समीक्षा अधिकारी) और एआरओ (सहायक समीक्षा अधिकारी) की परीक्षा में इस बार हिंदी के प्रश्न कठिन रहे। 200 अंकों की परीक्षा में 60 अंक के प्रश्न हिंदी के थे। इसमें भाषा और विशेषण के प्रश्न प्रमुखता से शामिल किए गए। इसमें अभ्यर्थी उलझ कर रहे गए।
जिले में 26 केंद्रों पर आरओ- एआरओ की परीक्षा कराई गई। हालांकि परीक्षा में आधे से कम अभ्यर्थी आए। परीक्षा केंद्रों पर पौने नौ बजे के बाद प्रवेश पर रोक लगा दी गई। जिले में 10824 अभ्यर्थियों के सापेक्ष 4327 ने परीक्षा दी। डीएम अवनीश राय ने बताया कि प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट, केंद्र व्यवस्थापक व सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात रहे। सीसी कैमरे से सभी की निगरानी हुई। परीक्षा शांतिपूर्वक संपन्न हुई। परीक्षा देकर बाहर आए अभ्यर्थी दिनेश सिंह ने बताया कि इस बार हिंदी का स्तर पहले की अपेक्षा अधिक विश्लेषणात्मक था। कई प्रश्नों ने उलझा दिया। अभ्यर्थी रघुनाथ ने बताया कि गणित, रीजनिंग के सवाल आसान आए।
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क्या बोले अभ्यर्थी
हिंदी ने किया परेशान
- इस बार जो प्रश्न पत्र आया है। उसको देखकर लग रहा है कि अब केवल रटने की क्षमता नहीं, बल्कि विषय की गहराई, भाषा की पकड़ और नीतिगत सोच को प्राथमिकता दी गई है। हिंदी ने इस बार परेशान किया। - प्रशांत कटियार।
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आसान थे गणित और रीजनिंग के प्रश्न
- सामान्य ज्ञान, गणित, रीजनिंग के सवाल आसान आए। वह समय रहते हल कर लिए गए। हिंदी के प्रश्नों ने थोड़ा परेशान किया। इसमें काफी समय लगा। - शबनाज।
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जीआईसी से परीक्षा देकर निकलते परीक्षार्थी। संवाद
जीआईसी से परीक्षा देकर निकलते परीक्षार्थी। संवाद