चिह्नांकन के बाद लगा दिए सड़क की चौड़ाई और लंबाई में हिस्टोमीटर
शहर के बाईपास को चिह्नांकन का काम पीडब्ल्यूडी की ओर से जारी है। गांव गंगचौरा में सोमवार को पीडब्ल्यूडी की टीम लगी रही। टीम के साथ राजस्व विभाग के कर्मचारी भी मौजूद रहे। यहां बाईपास के लिए जमीन अधिग्रहण को चिह्नांकन का काम शुरू हो गया है। हिस्टोमीटर और लाल झंडियों से अधिग्रहण को स्थान सुरक्षित किया गया है।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का कार्यक्रम तय हो चुका है। 21 मई को उनको यहां आगमन हैं। कार्यक्रम स्थल भी तय हो गया है। वह यहां आकर जिले के कई बड़े विकास का शिलान्यास और लोकार्पण करेंगे। इसमें शहर का बाईपास का भी शिलान्यास हो सकता है। इसका संकेत सांसद धर्मेंद्र यादव भी मंडी समिति में प्रधानों के प्रशिक्षण कार्यक्रम में दे गए थे।
पीडब्ल्यूडी के एई विजय कुमार के साथ अमीन राम सिंह, जेई हरप्रसाद, सूबे सिंह, तेज सिंह और लेखपाल सुरेंद्र कुमार ने मौके पर चिह्नाकन कराया। चिह्नांकन का काम गांव गंगचौरा के समीप हुआ। लौड़ा बहेड़ी में भी चिह्नांकन हो चुका है। मुख्यमंत्री के दौरे से पहले ही पीडब्ल्यूडी और राजस्व विभाग ने नौ गांवों के रकवे में से सभी जगह चिह्नांकन का काम पूरा कर लेना है।
इन गांवों के रकबा आएंगे बाईपास में
लौड़ा बहेड़ी, गंगचौरा, सिरसाठेर, बदायूं देहात, अकरम नगर गढ़ी, भगवतीपुर, आरिफपुर नवादा और खेड़ा बुजुर्ग गांव शामिल हैं।
10 करोड़ से अधिक मुआवजा होने के कारण कमिश्नर देंगे सवीकृति
बाईपास के लिए नौ गांवों में किसानों की मुआवजा राशि 10 करोड़ से अधिक बनने के कारण अधिकार कमिश्नर को होने के कारण सभी मामले उनके पास स्वीकृति को जाएंगे। किसानों से सहमति पत्र भी लिए जा रहे हैं।
16 करोड़ की राशि हो चुकी है अवमुक्त
बाईपास के लिए शासन से 44.08 करोड़ स्वीकृत हैं। इसमें पहली किस्त के रूप में 16 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। सभी नौ गांवों की मुआवजा राशि की लिस्ट बना ली गई है।
बाईपास:फैक्ट फाइल
लंबाई- 8.25 किमी
चौड़ाई= 34 मीटर
शहर के पश्चिम में होगा बाईपास
50-50 मीटर तक लगाए जा रहे हैं चिह्नांकन को हिस्टोमीटर