चिह्नांकन के बाद लग चुके हैं सड़क की चौड़ाई और लंबाई में हिस्टोमीटर
शहर के बाईपास के लिए पीडब्ल्यूडी द्वारा चिह्नांकन कर हिस्टोमीटर लगा दिए गए हैं। अब अगली प्रक्रिया में गंाव नौशेरा के 16 किसानों ने अपनी सहमति के बाद बाईपास के लिए भूमि का बैनामा कर दिया। इसके साथ ही अधिग्रहण की शुरूआत हो गई है। हालांकि बाईपास के लिए करीब 22 हेक्टेयर जमीन किसानों से ली जाएगी। इसमें किसान पहले ही सहमति पत्र दे चुके हैं। नौ गांवों के 1008 किसानों से बाईपास के लिए उनकी जमीन लेनी है।
बरेली-मथुरा हाई-वे पर नौशेरा से नवादा के रकबा तक नौ गांवों के रकबे में शहर का बाईपास आ रहा है। नपत के बाद किसानों से उनकी भूमि लेने का सिलसिला शुरू हो गया है। यहां बता दें कि इसके लिए संबंधित सर्किल के लेखपाल के साथ पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता विजय कुमार को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे पूर्व नपत के बाद नौ गांवों के किसानों की करीब 22 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण को कमिश्रर के पास स्वीकृति को भेजी गई थी। स्वीकृति के बाद किसानों ने बैनामा भी करना शुरू कर दिया है। नौशेरा गांव के किसानों से इसकी शुरूआत हो गई है। इस गांव के 16 किसानों ने शुरूआत में बैनामा कराया है। अब लगातार बैनामे होते रहेंगे। बाईपास के लिए भूमि अधिग्रहण होने के साथ काम शुरू कर दिया जाएगा। 8.25 किमी लंबाई वाले बाईपास की चौड़ाई भी 34 मीटर रखी गई है।
अवमुक्त 16 करोड़ से खरीदी जा रही है जमीन
बाईपास के लिए शासन से 44.08 करोड़ स्वीकृत हैं। इसमें पहली किस्त के रूप में 16 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। सभी नौ गांवों की मुआवजा राशि की लिस्ट बना ली गई है। पहले फेज में इस राशि से किसानों की जमीन खरीदी जा रही है।