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मूसलाधार बारिश से  शहर हुआ जलमग्न 

Sun, 17 Jul 2016 11:44 PM IST
बदायूं, ब्यूरो
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मूसलाधार बारिश से  शहर हुआ जलमग्न  - फोटो : अमर उजाला
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दो से तीन फीट तक जलभराव, घरों दुकानों में घुसा पानी  
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 कहावत है कि तीन साल का सूखा तो सह सकते हैं, लेकिन तीन दिन की मूसलाधार बारिश नहीं। यह कहावत रविवार को शाम सवा तीन बजे से शुरू हुई बारिश ने साबित कर दी। शाम से शुरू हुई मूसलाधार बारिश देर रात तक जारी रही। इससे अधिकांश शहर में हाहाकार मचा रहा। यातायात व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो गई। कुछ वाहन सड़कों पर निकले तो वे भी जलभराव के चलते बंद हो गए। 
मूसलाधार बारिश होने से न सिर्फ सड़कों बल्कि बाजारों, घरों और दुकानों में भी पानी भर गया। घरों में पानी भरने की वजह से रखे सामान को पहले तो लोगों ने तखत, बेड और चारपाई पर रखकर बचाना चाहा, लेकिन पानी बढ़ने पर सामान छोड़कर लोग छाता लेकर घरों की छतों पर बैठ गए, वहीं कई लोग तो घर में रखे तिरपाल, पॉलीथिन को लेकर छतों पर बारिश से बचते नजर आए। 
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रविवार को सुबह से बारिश के आसार नजर आ रहे थे। दोपहर तक बादल छा गए। वहीं, सवा तीन बजे के करीब हल्की बूंदाबांदी के साथ शुरू हुई बारिश लगातार बढ़ती रही। करीब चार बजे से शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने दो घंटों में ही शहर को जलमग्न कर दिया। शहर की सामान्य सड़कों पर दो से तीन फीट तक पानी भरा नजर आया, जबकि निचले इलाकों में स्थित बहुत गंभीर नजर आई। दुकानों, बाजारों में फंसे लोगों को घरों में पहुंचना मुश्किल हो गया।  
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दुकानों और बेसमेंट में घुसा पानी, करोड़ों का नुकसान 
बदायूं। मूसलाधार बारिश की वजह से शहर की दुकानों के साथ ही दुकानों के बेसमेंट में भी पानी भर गया। इससे दुकानदारों का करोड़ों रुपयों का नुकसान हो गया। दुकान मालिकों ने जलभराव होने से बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए, लेकिन नाकामयाब रहे। दुकानों के अंदर दवाइयों के साथ ही खाद्य पदार्थ एवं पैकेटबंद सामान तैरता हुआ नजर आया। अपने सामने ही नुकसान होता देखकर उसे न बचा पाने की कसक व्यापारियों की आंखों में नजर आई। 
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चल यार धक्कामार, बंद हो गई कार  
बदायूं। शहर के अधिकांश भाग में जलभराव होने की वजह से सड़कों पर करीब दो से तीन फीट तक पानी भरा नजर आया। ऐसे में अधिकांश लोग जहां के तहां फंसे रह गए। शाम ढलती देखकर मजबूरी में लोग निकले तो उनके वाहन जहां के तहां फंस गए। कई कार, टैक्सी, टेंपो, बाइकों के इंजन में पानी भरने की वजह से वाहन खराब हो गए। कारों के अंदर पानी भर जाने की वजह से उनमें बैठे चालक और सवारियां लोगों से कहते नजर आए कि धक्का लगा दीजिए। घरों से मस्ती करने निकले यूथ की जब गाड़ी बंद हुई तो वह फिल्म हाथी मेरा साथी का गाना चल यार धक्का मार बंद है मोटर कार... गाता हुआ नजर आया। 
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निचले मोहल्लों में बारिश ने मचाई तबाही 
बदायूं। मूसलाधार बारिश से जिन क्षेत्रों और सड़कों पर कभी जलभराव नहीं होता था, उन स्थानों पर जलभराव होता नजर आया। वहीं, शहर के निचले इलाकों में तो बारिश से तबाही जैसा मंजर नजर आया। शहर के मोहल्ला टिकटगंज, गांधी ग्राउंड, शहबाजपुर, नई सराय, नई बस्ती, कल्याणनगर, ब्राहमपुर, आदर्शनगर, स्टेशन रोड, इलेक्ट्रॉनिक बाजार, छह सड़का, पुराना बाजार, सुभाष चौक, बाबूराम मार्केट, गद्दी चौक, रजी चौक, जोगीपुरा, लोटनपुरा, पथिक चौक, मीरा जी की चौकी, साहूकारा, हलवाई बाजार, गोपी चौक, लॉवेला चौक, कचहरी रोड, रोडवेज, सिविल लाइंस आदि स्थानों पर तो बारिश ने कहर ढहा दिया। 
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टूटी सड़कों पर जलभराव से घायल हुए लोग 
बदायूं। शहर में टूटी पड़ी सड़कों पर जलभराव होने पर लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई वाहन चालक और पैदल राहगीर गड्ढों में गिरकर घायल हो गए। बाइकर्स और चौपहिया वाहन भी गड्ढों में फंसकर घायल हो गए। बारिश में कोई मदद न मिलजे की वजह से उनकों काफी देर तक वहीं खड़े रहना पड़ा। 
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गलियों के गड्ढे बने दुर्घटना का सबब 
बदायूं। अंडरग्राउंड लाइन डालने के लिए शहर में तमाम गलियों में गड्ढे खोदकर डाल दिए गए हैं। गड्ढों को खोदे जाने के बाद उन्हें पाटने के लिए केवल मिट्टी डाल दी गई। मिट्टी डाले जाने वाले स्थानों पर जब मूसलाधार बारिश हुई तो गड्ढे खुल गए। वहीं गलियों में जलभराव होने पर कई बाइकर्स, साइकिल सवार और पैदल राहगीर उसमें फंसकर गिर गए और चोटिल हो गए। 
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मजाक साबित हुई शहर के नालों की सफाई 
बदायूं। शहर में 27 लाख रुपये से अधिक की धनराशि को केवल नाले-नालियों की सफाई पर खर्च किया गया। इसके बावजूद शहर के अधिकांश नाले चोक पड़े हुए हैं। हर बारिश में जहां शहर में जलभराव होता था, वहीं रविवार को मूसलाधार बारिश होने पर नालों की पोल खुल गई। चोक नालों की वजह से अधिकांश शहर में तालाब जैसी स्थिति नजर आई। शहर के नालों की सफाई केवल शहरियों के साथ एक मजाक साबित हुई। 
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