भाकियू और बीकेडी के संयुक्त पंचायत में 21 को आंदोलन की घोषणा
भारतीय किसान यूनियन और बहुजन किसान दल की ओर से आयोजित पंचायत में जिले की बिल्सी तहसील समेत विभिन्न स्थानों पर हुए सूखा राहत के चेकों के अवैध भुगतान कर घोटाला किए जाने का मामला छाया रहा। इस मौके पर बीकेडी जिलाध्यक्ष राजेश सक्सेना ने कहा है कि 21 जुलाई की पंचायत को आंदोलन का रूप दिया जाएगा। इसमें कृषि बीमा की खामियों को भी उजागर किया जाएगा।
चित्रांश नगर के कैंप कार्यालय पर आयोजित पंचायत में भाकियू जिलाध्यक्ष धर्मपाल सिंह ने कहा कि प्राकृतिक आपदा से पीड़ित किसानों की स्थिति बेहद दयनीय है। सरकार द्वारा भेजा गया किसानों को राहत का पैसा दबंगों ने प्रशासनिक और बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से निकाल लिया। इसमें करोड़ों का खेल किया गया है। इस मामले में धन जमा कराके निपटाने की कोशिश की जा रही है ताकि दोषियों को बचाया जा सके। भाकियू पूरे प्रकरण पर नजर रखे हुए है। अगर, दोषियों को बचाने का प्रयास किया गया तो जबर्दस्त आंदोलन होगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कृषि बीमा में भी यहां धोखा किया जा रहा है। अगर, बीमा योजना की प्रीमियम काटी गई तो भाकियू इसका विरोध करेंगी। प्रशासन के खिलाफ आंदोलन करेगी।
बीकेडी जिलाध्यक्ष सक्सेना ने कहा कि केंद्र सरकार पूंजीवादियों के साथ है और किसानों को नजरअंदाज किया जाएगा। डीजल मूल्य में 40 पैसा बढ़ाकर पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। किसान गणित लगाकर देखे एसकी लागत में उसे कृषि से कितना मुनाफा होता है। किसान बर्बाद हो रहा है। भाकियू नगर अध्यक्ष हारुन गौस ने कहा कि बिल्सी के चेक घोटाला पर शासन और प्रशासन को घेरा जाएगा। पीसीएफ के खाद घोटाले को भी नहीं भुलाया जाएगा।
पंचायत में सदर तहसील अध्यक्ष परवेज आलम, आरिफ गाजी, भीमसेन राजपूत, परभाही यादव, भूरे यादव, अशोक यादव, बाबू खां, रईस अहमद, ग्रीस राजपूत, पप्पू सैफी, फैसल, पूरन लाल पाली आदि ने भी विचार व्यक्त किए।