शहर की एक शोरूम पर खरीदारी करते ग्राहक। संवाद
बदायूं। कीमती धातुओं के बाजार में आई गिरावट ने त्योहारी खरीदारी के समीकरण बदल दिए हैं। चांदी के लगातार कमजोर होते भाव से धनतेरस पर खरीदारी की तैयारी कर रहे लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। बीते एक माह के दौरान चांदी की कीमत 40 हजार रुपये प्रति किलो से अधिक नीचे आ चुकी है। रविवार को इसका भाव दो लाख दो हजार रुपये प्रति किलो रहा। हालांकि, कीमतों में इस गिरावट ने उन लोगों को चिंता में डाल दिया है, जिन्होंने पहले महंगे दामों पर चांदी में निवेश किया था।
त्योहारों के दौरान कारोबार में चांदी की मांग अहम रहती है। धनतेरस पर लोग अपनी सामर्थ्य के अनुसार सिक्के, बर्तन, मूर्तियां और अन्य वस्तुएं खरीदते हैं। इस बार बाजार में कीमतों की नरमी ग्राहकों के फैसले को प्रभावित कर सकती है। लंबे समय से खरीदारी टाल रहे लोग भी अब मौजूदा भाव को देखते हुए बजट बनाने में जुट सकते हैं।
सराफा कारोबारी नितिन कुमार का कहना है कि चांदी सस्ती होने से धनतेरस पर ग्राहकों का रुझान बढ़ सकता है। सिक्कों और लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियों के अलावा चांदी के आभूषणों की खरीदारी में भी तेजी आने की संभावना है। हालांकि, केवल कीमतों में कमी से बिक्री बढ़ने की गारंटी नहीं है। ग्राहकों की क्रय क्षमता और बाजार में आगे होने वाला उतार-चढ़ाव भी कारोबार को प्रभावित करेगा।
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सोने की चमक भी पड़ी फीकी
-चांदी के साथ सोने के बाजार में भी गिरावट दर्ज की गई है। पिछले एक महीने में सोने की कीमत करीब सात हजार रुपये प्रति 10 ग्राम कम हुई है। रविवार को सोने का भाव 1,46,300 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। सराफा कारोबारी कमल गुप्ता के मुताबिक, बीते महीने सोने की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। त्योहारी खरीदारी से पहले कीमतों में आई इस नरमी ने ग्राहकों को राहत दी है, लेकिन निवेशक बाजार की अगली चाल पर नजर बनाए हुए हैं। अब धनतेरस पर होने वाली बिक्री से ही सराफा कारोबार की रफ्तार का अंदाजा लगेगा।