आर्य समाज चौक स्थित रस्तोगी धर्मशाला में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करती बच्ची। स्रोत-आयोजक
बदायूं। आर्य समाज चौक स्थित रस्तोगी धर्मशाला में आज मराठा-सर्राफा एसोसिएशन के तत्वाधान में हिंदवी स्वराज की स्थापना करने वाले वीर मराठा छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस मौके पर शहर के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने भाषण स्पर्धा में सहभाग किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मराठा-सर्राफा एसोसिएशन के पदाधिकारियों नीरज रस्तोगी, जितेंदर महाजन, अवनीश वर्मा एवं अतुल रस्तोगी ने मां सरस्वती एवं वीर मराठा छत्रपति शिवाजी महाराज के चित्रों के समक्ष दीप जलाकर किया। मुख्य वक्ता कुलदीप अंगार ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज का जन्म 19 फरवरी 1630 को महाराष्ट्र में शिवनेरी के दुर्ग में मां जीजाबाई और पिता शाह भोसले के परिवार में हुआ था।
शिवाजी के जीवन में मां जीजाबाई के द्वारा सुनाई गई रामायण-महाभारत की वीर गाथाओं के संस्कारों से उनके अंदर बचपन से ही वीर बनने की प्रेरणा जगी। शिवाजी वीर योद्धा, कुशल रणनीतिकार एवं छापामार युद्ध नीति में पारंगत थे। श्री अंगार ने कहा- छत्रपति शिवाजी महाराज ने हिंदवी स्वराज की स्थापना कर हिंदुत्व को आगे बढ़ाने का कार्य किया।