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विकास की आस: थोड़ा है और थोड़े की जरूरत

Tue, 02 Feb 2016 07:55 PM IST
बदायूं।
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विकास की बात करें तो बदायूं सूबे के बेहद पिछड़े हुए जिलों में शुमार है। पिछड़ेपन का दंश झेल रहे बदायूं में विकास का पहिया घूमना जरूर शुरू हुआ है, लेकिन यहां सीवर लाइन, रिंग रोड समेत कई ऐसे प्रोजेक्ट हैं, जिनकी फाइन शासन स्तर पर फंसी हुई है। सीवर लाइन से जहां शहर को जलभराव से मुक्ति मिलेगी, वहीं रिंग रोड से शहर में जाम की समस्या खत्म होगी। इससे रोजगार, व्यापार और उद्योग के नए रास्ते भी खुलेंगे। लोगों को उम्मीद है शायद इस बार लटके हुए सभी प्रोजेक्ट को शासन मंजूरी दे दे। इतना ही नहीं धूल फांक रहे ड्रीम प्रोजेक्ट सॉलिडवेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के चालू होने की भी लोग सरकार से उम्मीद बांध रहे हैं।
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बजट से यह भी उम्मीद हैं बंधीं
- शेखूपुर चीनी मिल के विस्तारीकरण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। चीनी मिल दुर्दशा का शिकार है। पुरानी मशीनरी की वजह से मिल को हर साल करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है। इस बजट में मिल के विस्तारीकरण को स्वीकृति मिलने की उम्मीद है।
- बाईपास को धन की आस भी नए बजट से है। सरकार ने शहर में बाईपास को स्वीकृति दे दी है। इसके लिए 110 करोड़ का प्रावधान किया गया है। उम्मीद है कि बजट में धनराशि अवमुक्त होने के बाद काम चालू हो जाएगा।
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- कछला गंगा घाट के सुंदरीकरण की भी बजट से उम्मीद है। इस संबंध में प्रस्ताव शासन स्तर पर लंबित है। प्रशासनिक स्तर से भी इस प्रस्ताव को स्वीकृति और बजट जारी कराने को प्रयास किए जा रहे हैं।
- बिल्सी में रोडवेज डिपो प्रस्तावित है। आने वाले बजट में इसके लिए धन जारी होने की उम्मीद है। बजट मिलने के बाद इस दिशा में भी काम चालू हो जाएगा।
- नए बजट से नई जिला जेल की स्थापना की भी आस है। वर्तमान जेल की क्षमता 529 बंदी और कैदियों की है। इसमें इस समय करीब 1900 बंदी और कैदी हैं।
- इंजीनियरिंग कॉलेज को धन की उम्मीद भी बजट से लगाई जा रही है। एक साल पहले ही प्रदेश सरकार बदायूं में इंजीनियरिंग कॉलेज को स्वीकृति दे चुकी है, लेकिन इसका काम अभी चालू नहीं हो सका है।
मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज और बाईपास निर्माण पूरा होने के बाद विकास धरातल पर दिखेगा। बेहतर होगा कि शासन यह प्रोजेक्ट जल्द पूरे करे।-प्रमोद शर्मा, रिटायर्ड कर्मी
सीवर लाइन की दिशा में भी ठोस पहल होनी चाहिए। जलभराव की  समस्या के साथ इससे शहर भी स्वच्छ होगा। इसके लिए ठोस पहल जरूरी है।-निशा  सक्सेना, गृहिणी
विकास के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ाने की जरूरत है। बदायूं के पिछड़ेपन की एक मुख्य वजह यहां रोजगार के अवसरों का न होना है।-डा. सचिन गुप्ता
जिले में जो विकास कार्य चल रहे हैं, उनको  समय से पूरा कराना हमारी प्राथमिकता है। ताकि जनता को इनका लाभ मिलने लगे।  स्वच्छता अभियान के तहत जिले में ज्यादा से ज्यादा स्वच्छ शौचालयों का निर्माण। गंगा किनारे पौधरोपण समेत चीनी मिल विस्तारीकरण, बिल्सी समेत  जिले में तीन बस स्टैंड की स्थापना और रामगंगा नहर का काम जल्द पूरा कराना  भी हमारी प्राथमिकता में शामिल है।
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-शंभूनाथ, डीएम
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