बदायूं। मुजरिया के गांव कौल्हाई में रविवार रात कार से कुचलकर महिला की मौत के मामले में सोमवार को परिजन का आक्रोश फूट पड़ा। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर परिजन ने करीब दोपहर दो बजे मुजरिया थाने के पास बदायूं-मेरठ हाईवे पर जाम लगा दिया। इससे हाईवे पर करीब आधे घंटे तक आवागमन प्रभावित रहा। पुलिस के काफी समझाने के प्रयास के बाद परिजन शव के अंतिम संस्कार करने के लिए माने।
लज्जावती की बेटी प्रीति के साथ परिवार की महिलाएं शव के गांव पहुंचने से पहले मुजरिया थाने के पास दोपहर करीब 2 बजे आरोपियों की गिरफ्तारी और उनके घर पर बुलडोजर चलाने की मांग को लेकर सड़क पर बैठ गईं। प्रीति ने कहा कि उनकी मां को कार से कुचलकर मारा है और उनके भाई राजेंद्रपाल के सिर में गंभीर चोट आने की वजह से नौ टांके भी आए हैं। आरोप लगाया कि उनकी मां की हत्या के इतने समय बाद भी आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
हाईवे जाम की सूचना पर सीओ बिल्सी आलोक सिद्धू पांच थानों की पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और परिवार के लोगों से वार्ता की। सुरक्षा के लिहाज से वहां पर पीएसी की भी तैनाती कर दी गई। एसडीएम सहसवान शौर्य अरोडा और सीओ ने परिजन को भरोसा दिलाया कि घटना में शामिल आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई की जा रही है और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस के आश्वासन के बाद परिजन जाम हटाने के लिए तैयार हुए। इसके बाद हाईवे पर यातायात सुचारु कराया गया।
-
महिला के परिवार के लोगों की ओर से जाम लगाने की सूचना पर तत्काल पुलिस बल ने पहुंचकर उनसे वार्ता की। इसके बाद परिजन ने हाईवे से हटकर गांव में महिला के अंतिम संस्कार की तैयारी की। गठित चार टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश देने में जुटी हैं।
- डॉ. हृदेश कठेरिया, एसपी ग्रामीण
परिजन का आरोप, पुलिस बनाती रही लूट की तहरीर बदलवाने का दबाव
बदायूं। कौल्हाई में महिला की मौत के मामले में पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। घायल राजेंद्र ने पुलिसकर्मियों पर तहरीर बदलवाने और 50 हजार रुपये लूटे जाने की बात हटाने का दबाव बनाने का आरोप लगाया है। राजेंद्र का कहना है कि वह घटना में लूटी गई रकम जमीन बेचने के लिए बयाने के रूप में करीब डेढ़ घंटे पहले ही लेकर आया और दुकान के गल्ले में रख लिए थे। राजेंद्र के मुताबिक, जब वह घटना की तहरीर सोमवार को लेकर पुलिस के पास पहुंचा तो पुलिसकर्मियों और अधिकारियों ने तहरीर में लूट का जिक्र कम करने या हटाने का दबाव बनाया। राजेंद्र का दावा है कि उससे कहा गया कि हत्या की रिपोर्ट दर्ज की जाएगी, लेकिन 50 हजार रुपये की लूट की बात तहरीर में न लिखी जाए। पोस्टमॉर्टम हाउस पर भी पुलिस गांव के प्रशासक के पति पप्पू के माध्यम से तहरीर में से 50 हजार रुपये की लूट की बात को हटाने की बात कराती रही। राजेंद्र ने यह भी आरोप लगाया कि घटनास्थल से करीब 100-150 मीटर की दूरी पर पुलिस पिकेट होने के बावजूद घटना के समय पुलिस नहीं पहुंची। संवाद
-
राजेंद्र की मां की मौत पर एनसीआर से आए दोस्त
राजेंद्र पहले दिल्ली एनसीआर हरियाणा में रहकर नौकरी करता था। पिता के निधन के बाद वह गांव आकर अपनी मां के साथ रहने लगा था। रविवार को राजेंद्र की मां की मौत की सूचना हरियाणा में उनके साथ नौकरी करने वाले साथियों को लगी तो वह भी सोमवार को पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे। हरियाणा से आए सोनू ने बताया कि राजेंद्र उनके साथ नौकरी करता था। रात बातचीत करके उसने मां की मौत के बारे में बताया था। इसके बाद वह सीधे बदायूं आ गए।
-
घटनास्थल से 100 मीटर की दूरी पर चौकी, पुलिसकर्मी बोला- नींद पूरी होने के बाद उठूंगा
घटनास्थल पर करीब 20 मिनट तक अफरातफरी मची रही। इसके बाद भी घटनास्थल से करीब 100 मीटर की दूरी पर कौल्हाई चौकी से कोई भी पुलिसकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा। राजेंद्र अपनी मां को लेकर अस्पताल चला गए, इसके बाद भी पुलिस को घटना की भनक नहीं लग सकी। राजेंद्र ने बताया कि मौत होने के बाद वह पुलिस चौकी पर पहुंचे और मां की मौत की सूचना एक पुलिसकर्मी को दी तो उसने तीन घंटे बाद आने को कहा। आरोप है पुलिसकर्मी ने कहा कि अभी एक ही महिला मरी है तीन घंटे बाद नींद पूरी होने पर उठूंगा।
-
ढाई साल पहले भी कर चुके हैं विवाद
एसपी ग्रामीण डॉ. हृदेश कठेरिया ने बताया कि राजेंद्र और आरोपी पक्ष ढाई साल पहले दिल्ली एनसीआर में ऑटो चलाते थे। इसको लेकर वहां भी उनके बीच विवाद हुआ था। पूरे मामले की जांच की जा रही है।
-
घटना के बाद से आरोपी गांव से भागे
सोमवार को कौल्हाई गांव के आरोपी सगे भाई अनुज और जतन अपने परिवार के साथ गांव से भाग गए। उनके घर पर ताला लटका हुआ था। वहीं गांव के तीसरे आरोपी हिमांशु के घर के कमरों में ताले पड़ रहे। जबकि, मुख्य दरवाजा खुला हुआ था। वहीं, ग्रामीण भी आरोपियों के बारे में जानकारी देने से बचते नजर आ रहे थे।
जाम लगाए परिवार की महिलाओं से बात करती पुलिस। संवाद
जाम लगाए परिवार की महिलाओं से बात करती पुलिस। संवाद
जाम लगाए परिवार की महिलाओं से बात करती पुलिस। संवाद
जाम लगाए परिवार की महिलाओं से बात करती पुलिस। संवाद
जाम लगाए परिवार की महिलाओं से बात करती पुलिस। संवाद
जाम लगाए परिवार की महिलाओं से बात करती पुलिस। संवाद
जाम लगाए परिवार की महिलाओं से बात करती पुलिस। संवाद