एचपीसीएल हत्याकांड
- 12 मार्च को सैजनी के एचपीसीएल प्लांट में दो अफसरों सुधीर गुप्ता व हर्षित मिश्रा की गोली मारकर हत्या की गई।
- 13 मार्च को पुलिस मुठभेड़ के दौरान मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह के दोनों पैरों में गोली लगी, एक सिपाही भी घायल हुआ।
- 13 मार्च एसएसपी डॉ बृजेश कुमार सिंह हटाए गए।
- 14 मार्च को सीएम योगी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के लिए एसआईटी का गठन किया।
- 14 मार्च को सीओ उझानी को भी हटाकर लखनऊ भेजा गया।
- 17 मार्च सैजनी के एचपीसीएल प्लांट में जांच के लिए एसआईटी पहुंची।
- 17 मार्च आरोपी की छह व उसके ताऊ की पांच दुकानों पर बुलडोजर चला।
- 18 मार्च सैजनी गांव में ग्राम समाज की भूमि पर बाजार लगवाकर आरोपी के परिवार की तह बाजारी वसूलने का मामला उजागर।
- 20 मार्च अजय के ताऊ राकेश पर 27 अवैध दुकानों का बेदखली का मुकदमा दातागंज तहसीलदार कोर्ट में दर्ज हुआ। 45 लाख 57 हजार जुर्मान लगा।
- 22 मार्च प्लांट कर्मियों के पुलिस ने बयान दर्ज करने की कार्रवाई शुरू की।
- 24 मार्च कंपनी के दो अफसरों के कोर्ट में बयान दर्ज हुए।
- 25 मार्च आरोपी अजय के ताऊ का सैजनी गांव में बना अवैध फार्म हाउस सील।
- 24 मार्च अजय व उसके पांच भाईयों पर कंपनी के कर्मचारी से मारपीट का एक और केस मूसाझाग थाने में दर्ज हुआ।
- 28 मार्च अवैध तरीके से तहबाजारी वसूलने के मामले में अजय के ताऊ व पिता व परिवारीजनो पर केस।
- 2 अप्रैल आरोपी अजय के पिता, ताऊ व करीबी पर जमीन कब्जाने का केस।
- 3 अप्रैल एचपीसीएल में दोबारा अफसरों की तैनाती हुई।
- 6 अप्रैल आरोपी अजय के सगे व तहेरे भाई का मुख्य हत्याकांड में नाम बढ़ा, इनाम घोषित हुआ।
- 8 अप्रैल आरोपी अजय के दो सगे भाईयों ने कोर्ट में सरेंडर किया।
- 9 अप्रैल आरोपी अजय को जेल से मेडिकल कॉलेज भेजने का मामला सामने आया
- 27 अप्रैल मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह के खिलाफ रासुका की कार्रवाई हुई।