बेटे से बोले थे- गंगा स्नान करके आएंगे
दंपती अपने बेटे को बताकर गए थे कि वह मनसा देवी मंदिर के बाद हरिद्वार गंगा स्नान करने जाएंगे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि उनकी यह तीर्थस्थल दर्शन जिंदगी का आखिरी होगा। बता दें कि श्रद्धालुओं के नीचे दबने से रामभरोसे व उनकी पत्नी शांति की मौत हो गई थी। वहीं, आनंदापुर गांव के छन्नु व भूपेंद्र घायल हो गए। इसके अलावा उरैना पुख्ता के अगरपाल, सुमित, चंद्रपाल व रामप्यारी मामूली चोटिल हुए हैं।
घटना की खबर मिलते ही गांव में मातम पसर गया। रामभरोसे के परिवार में चीख पुकार मच गई। उनके चार बेटे हरिद्वार के लिए तुरंत ही रवाना हो गए। उनके साथ घायल व चोटिल श्रद्धालुओं के परिवार के लोग भी रवाना हुए है। देर शाम तक ग्रामीण दंपती के शवों का आने का इंतजार उनके घर के दरवाजे पर बैठकर करते रहे।