संगठन के पदाधिकारी ने हनुमान चालीसा का पाठ शुरू कर दिया है। उनकी मांग है कि पुलिस ने जान बूझकर रास्ते को विवादित बता दिया था। जबकि ग्रामीणों का कहना है कि सपा सरकार में साल 2012 में मात्र दो साल रास्ता खराब होने की वजह से इस रूट से प्रभात फेरी नहीं निकाली जा सकी थी।
रास्ता ठीक होने के बाद पुराने रास्ते पर ही प्रभात फेरी निकल जा रही थी। अब पुलिस अपने ही जाल में फंसी हुई नजर आ रही है। ग्रामीणों ने थानाध्यक्ष नरेश कुमार सिंह व सीओ संजीव कुमार पर महिलाओं पर लाठी चार्ज करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि दूसरे समुदाय के लोगों के इशारे पर पुलिस ने लाठी चार्ज किया है।
दूसरे समुदाय के लोगों की शिकायत के बाद शुक्रवार सुबह पांच बजे इस्लामनगर थाने की पुलिस गांव ब्योर पहुंची। इस बीच लोग प्रभात फेरी निकालने पर अड़ गए। लोगों के गुस्से को देखकर बिल्सी, उघैती पुलिस को भी मौके पर बुला लिया गया। पीएसी बटालियन भी बुला ली गई।
देखते ही देखते एसडीएम बिसौली राशि कृष्णा, सीओ बिल्सी मौके पर पहुंच गए। करीब आठ बजे पुलिस ने भक्तों पर लाठी चार्ज कर दिया। जिसके बाद भगदड़ मच गई। पुलिस के लाठीचार्ज से महिलाएं व युवक घायल हो गए।