भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) ने बिजली बिलों में वृद्धि पर मंगलवार को गुस्से का इजहार करते हुए बाजार में जुलूस निकाला। प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए ब्लॉक कार्यालय पर पहुंचे यूनियन के नेताओं ने प्रदर्शन भी किया। प्रदर्शनकारियों ने एसडीओ को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर बिजली दरों को कम किए जाने की मांग की।
भाकियू के मंडलीय प्रवक्ता राजेश कुमार सक्सेना की अगुवाई में यूनियन के नेताओं ने अस्पताल परिसर में पंचायत के दौरान बिजली बिलों में वृद्धि को दमनात्मक कार्रवाई करार दिया। कहा- प्रदेश सरकार ने जिस तरह से बिजली के बिलों में बढोतरी की है, उसके अनुरूप गेहूं, धान, गन्ना और आलू का समर्थन मूल्य भी बढ़ाना चाहिए था लेकिन सरकार ने बिजली की दरें बढ़ाकर किसानों को आर्थिक संकट की ओर धकेल दिया है। किसानों को राहत मुहैया कराने की बजाय उन्हें कंगाल किया जा रहा। जबकि केंद्र सरकार किसानों की आय दोगुना करने की कोशिश बताकर गुमराह कर रही है।
पंचायत के बाद बाजार में जुलूस निकालते हुए यूनियन के कार्यकर्ता ब्लॉक कार्यालय पर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने सांकेतिक धरना भी दिया। प्रदर्शनकारियों ने धरनास्थल पर एसडीओ को बुला लिया। मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीओ को देकर बिजली दरों में कमी लाने की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों में जिलाध्यक्ष धर्मपाल सिंह, जिला महासचिव सत्यवीर सिंह यादव, हारुन गौस, सोपाली सिंह, रामकुमार शर्मा, सोमवीर सिंह, बाबूराम, आशाराम, भागीरथ, रामस्वरूप और किशनलाल शामिल थे।