बदायूं। भाजपा के तीन दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग का समापन होने के बाद कई सूचनाएं छन-छन कर बाहर आने लगी हैं। चुनाव में भितरघात करने वाले 37 लोगों की सूची तैयार की गई है। इनमें से 11 ऐसे पदाधिकारी हैं, जिनको प्रशिक्षण वर्ग में बुलाया जाना था लेकिन नहीं बुलाया गया। कुछ लोग अंतिम दिन पहुंचे, जो नेताओं के साथ फोटो खिंचाने की कोशिश में रहे।
भाजपा का जिला स्तरीय प्रशिक्षण वर्ग 24 से 26 अप्रैल तक उझानी रोड बालाजी मंदिर के पास एक होटल में किया गया था। प्रशिक्षण वर्ग में सभी जनप्रतिनिधि, चेयरमैन, ब्लॉक प्रमुख, जिला स्तरीय पदाधिकारी, मोर्चा जिलाध्यक्ष समेत अन्य प्रमुख पदाधिकारियों को शामिल होना था। लगातार तीन दिन 11 पदाधिकारियों की प्रशिक्षण वर्ग में गैर मौजूदगी की दबी जुबान से चर्चा होती रही।
भाजपा ने विधानसभा चुनाव 2017 में जिले की छह में से पांच सीटें जीती थीं। सहसवान सीट सपा के खाते में गई थी। इस बार विधानसभा चुनाव में भाजपा को सभी छह सीटों पर जीत की उम्मीद थी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य समेत कई बड़े नेताओं ने चुनाव प्रचार में ताकत झोंक दी। इसके बाद भी भितरघात के कारण पार्टी अपनी बिसौली और शेखूपुर सीट हार गई। सहसवान सीट पर जीत के मंसूबे भी पूरे नहीं हो सके।
चुनाव परिणाम के बाद कई दिन मंथन और विचार विमर्श के साथ चुनाव जीतने और हारने वाले प्रत्याशियों से रिपोर्ट भी मांगी गई। इसके बाद 37 ऐसे नाम प्रकाश में आए हैं, जिन्होंने प्रत्याशियों की अंदरखाने मुखालफत की। इनको फिलहाल काली सूची में डाल दिया गया है। पार्टी नेतृत्व अब इनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
जनप्रतिनिधि और पार्टी के बीच बढ़ी दूरी
एक जनप्रतिनिधि का प्रशिक्षण वर्ग में शामिल न होना भाजपा और उनके बीच बढ़ती दूरी को पुख्ता किया। पिछले दिनों वह सरकारी कार्यक्रमों में तो शरीर हुईं, लेकिन पार्टी के किसी आयोजन में नहीं आईं। भाजपा सूत्रों का कहना है कि संगठन की ओर से भी उनसे दूरी बनाए रखने के निर्देश हैं। संभव है कि उन्हें प्रशिक्षण वर्ग में न बुलाया गया हो।
विधायकों के रात में लापता होने से प्रशिक्षक नाराज
भाजपा के प्रशिक्षण वर्ग का विषय कार्यकर्ता निर्माण था। इसमें 15 विषयों को शामिल किया गया था। इनमें भाजपा का इतिहास, सोच, सिद्धांत आदि शामिल थे। प्रशिक्षण वर्ग में सभी विधायकों को भी तीनों दिन प्रवास करना था, लेकिन ज्यादातर विधायक लगातार प्रशिक्षण वर्ग में नहीं रहे और न ही प्रवास किया। केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा लगातार तीन दिन प्रशिक्षण वर्ग में रहे। रात्रि विश्राम भी प्रशिक्षण वर्ग स्थल पर ही किया। विधायकों को लेकर समापन सत्र में प्रदेश सह महामंत्री संगठन कर्मवीर सिंह ने मंच से नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि यह सारी चीजें नोटिस की जा रही हैं। वर्ग में कार्यकर्ता और विधायक सब बराबर ही होते हैं पर यहां रुकने में जनप्रतिनिधियों को दिक्कत हो रही है।
प्रशिक्षण सत्र पूरी तरह सफल रहा। कार्यकर्ता निर्माण को लेकर दिया गया संदेश भाजपा की जिले में जड़ों को मजबूत करेगा। सत्र में किसे नहीं बुलाया गया, ये सार्वजनिक नहीं कर सकते। कुछ लोगों को लेकर शिकायतें हैं, जिन्हें पार्टी संगठन आंतरिक तौर पर परख रहा है। कोई कार्रवाई की जाएगी तो जरूर बताएंगे। - राजीव गुप्ता, जिलाध्यक्ष भाजपा