बदायूं। बर्ड फ्लू के खतरे के बीच अलग-अलग स्थानों पर पक्षियों के मरने की सूचना पर बुधवार को वन विभाग और पशु चिकित्सा विभाग की टीमों ने जिले में कई स्थानों पर अभियान चलाकर संदिग्ध पक्षियों और मुर्गियों के 36 सैंपल लिए। इनको जांच के लिए आईवीआरआई भेजा गया है। पहले भी पक्षियों और मुर्गियों के 300 सैंपल भेजे जा चुके हैं। अब तक कोई रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं आई है।
मंगलवार को इस्लामनगर के गांव चंदोई में एक पक्षी की मौत हो गई थी। हालांकि, इसकी मौत का कारण कुत्ता या बिल्सी के द्वारा शिकार किया जाना बताया जा रहा था, लेकिन पक्षी की मौत को लेकर अफवाहें उड़ने लगीं। इसी तरह दहगवां में भी एक मामला सामने आया था। इसके बाद पशु चिकित्सा विभाग और वन विभाग की टीमों ने जिले में अलग-अलग स्थानों से मुर्गियों और पक्षियों के 36 सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे हैं। सबसे ज्यादा 16 सैंपल उझानी से मुर्गियों के लिए गए हैं। म्याऊं से मुर्गियों के 10 सैंपल लिए गए हैं। इस्लामनगर से 11 सैंपल लिए गए हैं इनमें एक पक्षी और 10 मुर्गियां शामिल हैं। इसके अलावा एक पक्षी का सैंपल शहर से भी लिया गया है। सभी सैंपल आईवीआरआई भेज दिए गए हैं।
हालांकि, जिले में अब तक बर्ड फ्लू का कोई मामला सामने नहीं आया है। खतरे के मद्देनजर प्रशासन अहतियात बरत रहा है। दूसरे जिलों से मुर्गियों, अंडों और मांस आदि की आवक पर रोक लगा दी गई है। इसके अलावा जिले के पोल्ट्री फार्मों की निगरानी को टीमें भी बनाई गई हैं।
बुधवार को जिले में अलग-अलग स्थानों से 36 सैंपल लेकर जांच के लिए आईवीआरआई भेजे गए हैं। इनमें 34 सैंपल मुर्गियों के और दो सैंपल पक्षियों के शामिल हैं। टीमें पूरे जिले में निगरानी कर रही हैं। अब तक यहां बर्ड फ्लू का कोई मामला सामने नहीं आया है।
डॉ. एके जादौन, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी