बदायूं। जिले के कटरी क्षेत्र में गंगा तट के पास बनने वाला बायोडायवर्सिटी पार्क अब जल्द ही रफ्तार पकड़ने जा रहा है। उझानी ब्लॉक के गांव दहेमू के समीप चयनित करीब 50 हेक्टेयर भूमि पर तारकशी (फेंसिंग) का कार्य पूरा हो चुका है। अब निर्माण के अगले चरण की तैयारी शुरू हो रही है। केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी परियोजना को वर्ष 2027 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए शासन स्तर से 6.64 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की जा चुकी है।
बरेली मंडल में बायोडायवर्सिटी पार्क स्थापित करने की योजना के तहत कछला के कटरी क्षेत्र को चुना गया था। बरेली-मथुरा हाईवे से सटे इस क्षेत्र में बनने वाला यह पार्क न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देगा, बल्कि पर्यटन के नए अवसर भी तैयार करेगा। वन विभाग की निगरानी में विकसित हो रहे इस पार्क को दो मुख्य जोन में विभाजित किया जाएगा। इसमें विजिटर्स जोन और नेचर कंजर्वेशन जोन।
विजिटर्स जोन में पर्यटकों के लिए पार्किंग, ठहरने की व्यवस्था, भ्रमण पथ और अन्य बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी, ताकि यहां आने वाले लोग प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद ले सकें। वहीं, नेचर कंजर्वेशन जोन को पूरी तरह से जैव विविधता के संरक्षण के लिए आरक्षित रखा जाएगा, जहां गंगा के मैदानी इलाकों में पाई जाने वाली दुर्लभ वनस्पतियों और जीव-जंतुओं को सुरक्षित माहौल मिलेगा।
2021 में देखी जा चुकी है डॉल्फिन
जिले में गंगा नदी करीब 130 किलोमीटर के दायरे में बहती है और इसके तटवर्ती क्षेत्रों में समृद्ध जैव विविधता देखने को मिलती है। खासतौर पर सहसवान क्षेत्र में ब्लैक बक जैसे दुर्लभ वन्यजीव पाए जाते हैं, जबकि गंगा में डॉल्फिन की मौजूदगी भी दर्ज की जा चुकी है। वन विभाग के अभिलेखों में हर साल प्रवासी पक्षियों का आगमन भी यहां की प्राकृतिक समृद्धि को दर्शाता है। वर्ल्ड वाइल्ड लाइफ फंड (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ) की टीम ने जनवरी 2021 में नरौरा से कछला होते हुए उसहैत क्षेत्र तक गंगा में सर्वेक्षण किया था। इस दौरान नौ स्थानों पर डॉल्फिन और दुर्लभ प्रजाति के कछुओं की मौजूदगी दर्ज की गई थी, जिससे इस क्षेत्र की पारिस्थितिक महत्ता और भी स्पष्ट हो जाती है।
कछला में दूर राज्यों से आते हैं लोग
यह बायोडायवर्सिटी पार्क गंगाघाट से लगभग चार किलोमीटर की दूरी पर उझानी की ओर विकसित किया जा रहा है। गंगाघाट पर पहले से ही बदायूं, बरेली, कासगंज, हाथरस के अलावा राजस्थान और मध्यप्रदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। हालांकि, यहां धार्मिक आस्था के अलावा आकर्षण के सीमित साधन हैं। ऐसे में पार्क के तैयार होने के बाद श्रद्धालुओं और पर्यटकों को एक ही स्थान पर प्राकृतिक सुंदरता और जैव विविधता का अनुभव करने का अवसर मिलेगा।
बायोडायवर्सिटी पार्क में काम जल्द ही तेजी पकड़ेगा। यहां पर विजिटर्स जोन पहले बनाने की योजना है। इससे लोगों का आना-जाना यहां पर शुरू हो सकेगा। -जगन्नाथ कश्यप, एसडीओ