बदायूं-बिजनौर मार्ग से बिल्सी नगर तक प्रस्तावित सात किलोमीटर लंबे बाइपास निर्माण कार्य को वित्तीय स्वीकृति मिल गई है। शासन स्तर से इस परियोजना की कुल लागत 73.76 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है, जबकि चालू वित्तीय वर्ष में 25.81 करोड़ रुपये की धनराशि जारी कर दी गई है। इस पर क्षेत्र के लोगों में खुशी है। उन्होंने क्षेत्रीय विधायक हरीश शाक्य का आभार जताया है।
यह बाइपास न केवल नगर के यातायात को नया स्वरूप देगा, बल्कि जाम की समस्या से जूझ रहे हजारों लोगों को बड़ी राहत भी दिलाएगा। खासतौर पर मंडी क्षेत्र और मुख्य बाजार में लगने वाले रोजाना के जाम से अब निजात मिलने की उम्मीद है। बता दें कि मंडी क्षेत्र में प्रतिदिन भारी वाहनों की आवाजाही के चलते घंटों जाम की स्थिति बनी रहती थी। इससे किसानों को अपनी उपज समय पर मंडी तक पहुंचाने में दिक्कत होती थी, वहीं व्यापारियों के कारोबार पर भी असर पड़ता था।
अब बाइपास बनने से भारी वाहनों को शहर के बाहर से ही डायवर्ट किया जाएगा, जिससे नगर के भीतर यातायात दबाव कम होगा और आम लोगों को सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी। क्षेत्रीय विधायक हरीश शाक्य ने बताया कि बिल्सी बाइपास की स्वीकृति क्षेत्र की जनता के लंबे संघर्ष का परिणाम है। इससे शहर को जाम से मुक्ति मिलेगी और विकास को नई रफ्तार मिलेगी।
बाइपास की मंजूरी से लोगों में खुशी, बोले- सुधरेगी यातायात व्यवस्था
लोकेश बाबू वार्ष्णेय ने बताया कि बिल्सी में बाइपास की मांग वर्षों से की जा रही थी। अब स्वीकृति मिलने से व्यापारियों और आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी। डॉ. बीपी मौर्य ने कहा कि अक्सर जाम और धूल-धक्कड़ से परेशानी होती थी। बाइपास बनने से नगर का वातावरण बेहतर होगा और आवागमन सुगम बनेगा।
डाॅ. उमेंद्र गुप्ता ने कहा कि भारी वाहनों को शहर के अंदर से गुजरना पड़ता था। इससे समय और ईंधन दोनों की बर्बादी होती थी। बाइपास बनने से परिवहन आसान और तेज होगा। हिमांशु गुप्ता ने कहा कि यह परियोजना बिल्सी के विकास में मील का पत्थर साबित होगी। इससे न केवल यातायात सुधरेगा, बल्कि क्षेत्र में निवेश और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।