- सख्ती के बाद व्यापारियों ने बंद की गेहूं की खरीद
प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से नगर की गल्ला के व्यापारियों पर किसान के गेहूं को समर्थन मूल्य से नीचे न खरीदने के बाद यहां के व्यापारियों ने किसान का गेहूं खरीदना बंद कर दिया है। इससे क्षेत्र के किसानों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं मंडी बंद रहने से रोजाना करीब एक लाख से अधिक के राजस्व की हानि हो भी हो रही है।
बता दें कि बिल्सी क्षेत्र में इस वर्ष गेहूं की पैदावार काफी अधिक मात्रा हुई है। बावजूद इसके किसानों के हितों को अधिकारियों ने दरकिनार कर दिया है। बिल्सी तहसील क्षेत्र में मात्र तीन क्रय केंद्रों को ही खोला है। इस कारण इन केंद्रों पर किसान का गेहूं की उचित ढंग से खरीदारी नहीं हो रही है। इसके अलावा अधिकारियों की ओर से गल्ला व्यापारियों पर किसान का गेहूं समर्थन मूल्य से कम रेट पर खरीद करने पर कड़ी चेतावनी देने के बाद शनिवार से व्यापारियों ने मंडी में गेहूं खरीदना बंद कर दिया है। क्षेत्र में क्रय केंद्रों पर्याप्त संख्या न होने के कारण किसान अपना गेहूं नहीं बेच पा रहा है। इससे उसकी दिनों दिन समस्याएं बढ़ती जा रही है। किसानों को मजबूरन अपना गेहूं सरकार के समर्थन मूल्य से काफी कम दामों पर बाहरी व्यापारियों को बेचना पड़ रहा है। क्षेत्र के किसानों ने डीएम से प्रदेश सरकार को प्राथमिकता को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त मात्रा में सरकारी क्रय केंद्र खोले जाने की मांग की है।