बिजली चेकिंग अभियान में लगी टीम को रविवार को उपभोक्ताओं के गुस्से का सामना करना पड़ गया। उपभोक्ताओं ने अफसरों समेत कर्मचारियों पर मनमानी का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। विरोध में नारेबाजी भी की। विरोध के बीच टीम के सदस्यों ने चेकिंग शुरू की तो उन्हें खदेड़ दिया गया।
मामला बाजारकलां और साहूकारा मोहल्ले के नुक्कड़ का है। एसडीओ छैल बिहारी और जेई आरपी शर्मा के नेतृत्व में टीम सुबह में बिल्सी रोड बाजार में बिजली चेकिंग अभियान चलाया। दोपहर में टीम साहूकारा और बाजारकलां मोहल्ले के नुक्कड़ पर पहुंची तो कई उपभोक्ता घरों से बाहर निकल आए और एक ही इलाके में बार-बार चेकिंग करने का आरोप लगाया। इसे लेकर बिजली कर्मियों और उपभोक्ताओं के बीच नोकझोंक हो गई।
उपभोक्ताओं ने नुक्कड़ पर इकट्ठे होकर बिजली अफसरों के खिलाफ नारेबाजी की और एसडीओ की कार का घेराव किया। लोगों के गुस्से की अनदेखी कर टीम के सदस्य चेकिंग करने एक घर में घुसे तो भीड़ वहां भी पहुंच गई। वहां लोगों ने बिजली कर्मियों को घर से बाहर कर खदेड़ दिया।
मोहल्लावासी विवेक मैंमिया, पवन वार्ष्णेय और राजू ने बताया कि चेकिंग के नाम पर उनका उत्पीड़न किया जा रहा है। तभी एसडीओ ने पुलिस बुला ली लेकिन विरोध के चलते अफसरों को उल्टे पांव लौटना पड़ा।
बिजली चोरी में दो लोग नामजद
जेई रघुनंदन प्रसाद ने चेकिंग अभियान के दौरान बिजली चोरी पकड़े जाने पर नगर निवासी राजीव गुप्ता और हरीओम शर्मा को नामजद किया है। दोनों उपभोक्ताओं के घरों से मीटर भी जब्त कर लिए गए। पुलिस ने उन्हें सील कर दिया है।
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उपभोक्ताओं ने जिस तरह से चेकिंग अभियान का विरोध किया, वह सरासर गलत है। किसी को कोई शिकायत है तो वह अपनी बात कह सकता था। अभियान तो चलेगा लेकिन टीम के साथ अब पुलिस भी रहेगी। इसके लिए उन्होंने विभाग के एक्सईएन को पत्र भी लिखा है।
- छैल बिहारी, एसडीओ, उझानी।