बदायूं। जिलेभर की तहसीलों में भूलेख पोर्टल सात दिन काम ठप है। इस वजह से फार्मर रजिस्ट्री, नामांतरण/वरासत, जमानत, बैनामा और तहसील कोर्ट के आदेश अमल दरामद के काम अटके हुए हैं। यह कब चलेगा, इस बारे में कोई अधिकारी स्पष्ट नहीं बता पा रहा है। इस वजह से तहसील में पहुंचने वाले किसान मायूस होकर वापस लौट रहे हैं।
जिले में सहसवान, बदायूं, बिल्सी, बिसौली और दातागंज तहसील हैं। भूलेख पोर्टल से खतौनी निकालने की व्यवस्था है। प्रति खतौनी 15 रुपये शुल्क देकर किसान खतौनी निकलवाते हैं। 17 अप्रैल से भूलेख पोर्टल पर मेंटीनेंस शुरू हुआ है। इसकी वजह से खतौनी निकलवाने तहसील पहुंचने वाले किसानों को इंतजार के बाद बैरंग लौटना पड़ रहा है। कई किसानों को काफी देर तक लाइन में लगना पड़ रहा है।
बृहस्पतिवार को पोर्टल चालू होने की बात कही, लेकिन इसमें सिर्फ खतौनी ही निकल रही थी। उसके लिए भी 10 मिनट तक लग रहे है। इसकी वजह से बैनामा, जमीन संबंधी मुकदमा के आदेश का अमल दरामद व जमानत आदि संबंधी निकलवाने तहसील पहुंचने वाले किसान भी मायूस होकर लौट रहे हैं। सदर तहसील में मिले किसान रूपसिंह ने बताया कि किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने के लिए खतौनी की जरूरत है। कई दिनों से बदायूं तहसील के चक्कर लगा रहे हैं।
सोमवार को खतौनी निकली भी तो उसके लिए आधा घंटे से ज्यादा इंतजार करना पड़ा। इसी तरह अनिल कुमार ने बताया कि जमीन संबंधी मुकदमे में एक रिश्तेदार की जमानत लेनी है। दो दिन से खतौनी के लिए चक्कर काट रहे हैं। आदित्य सिंह ने बताया कि वरासत दर्ज करानी है। इसके लिए खतौनी की जरूरत है, लेकिन खतौनी निकल ही नहीं पा रही है। तहसील के तकनीकी अधिकारी विपिन गुप्ता ने बताया कि खतौनी निकलने का काम शुरू हुआ है, लेकिन पोर्टल स्लो है। नामांतरण व वरासत आदेश खतौनी पर दर्ज नहीं हो पा रहा है। इसके अलावा नए बंधक आदेश, भार मुक्त बंधक आदेश नहीं चढ़ पा रहा है। अधिकारियों को इस संबंध में जानकारी है।
तहसील में चस्पा की सूचना
सदर तहसील में भूलेख पोर्टल नहीं चला रहा है। इसको लेकर भूलेख कार्यालय के बाहर सूचना चस्पा की गई है कि पोर्टल न चलने की वजह से खेद है।
भूलेख पोर्टल पर मेंटीनेंस का काम निदेशालय स्तर से हो रहा है। इसकी वजह से पोर्टल से संबंधी काम प्रभावित हैं। जल्द ही यह ठीक तरह से चालू हो जाएगा।
- अरुण कुमार, एडीएम प्रशासन
सदर तहसील में खतौनी के लिए लगी लोगों की लाइन। संवाद