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कृषि कानूनों के विरोध में भाकियू ने कई जगह की पंचायत, धरना-प्रदर्शन

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बदायूं। भाकियू के राष्ट्रीय आह्वान पर शनिवार को जिले में कई स्थानों पर भाकियू ने पंचायत की। इसके साथ ही धरना प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन भी दिए। हालांकि, जिले में किसी भी स्थान पर चक्का जाम की प्रयास नहीं किया गया। कृषि कानूनों के विरोध में भाकियू ने शनिवार को चक्का जाम का आह्वान किया था।
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भाकियू मंडल प्रवक्ता राजेश सक्सेना ने कहा कि कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे किसान आंदोलन को दो माह से ज्यादा हो चुके हैं। अब तक देश भर के दो सौ से ज्यादा किसान अपनी जान गवां चुके हैं। इसके बाद भी सरकार हठधर्मिता पर आमादा है। सरकार किसान को बदनाम करने की साजिश रच रही है। दिल्ली बार्डर पर कटीले तार और कीलें लगाकर सरकार ने किसानों को लेकर अपनी मंशा साफ कर दी है। चित्रांशनगर में पंचायत के बाद किसान नेताओं ने किसान आंदोलन की सफलता के लिए कई गांवों में जनसंपर्क भी किया। इस दौरान रामाशंकर भारद्वाज, भारत सिंह, सतीश चंद्र साहू, शेर सिंह यादव, सत्यवीर यादव आदि रहे। भाकियू ने हुसैनपुर करौतिया में धरना प्रदर्शन किया। हालांकि पुलिस ने धरना प्रदर्शन को लेकर सुबह से ही सतर्कता बढ़ा दी थी। धरना प्रदर्शन और पंचायत में बृजपाल सिंह पटेल, बन्ने, नवाब हुसैन, मुकीम, सर्वेश कुमार, ओमपाल सिंह आदि रहे।
सिलहरी। भाकियू अराजनैतिक ने कृषि कानूनों के विरोध में शनिवार को प्रदेश सचिव रवेंद्र सिंह पटेल के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन किया। इससे पहले पंचायत का आयोजन किया गया। रवेंद्र सिंह पटेल ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों और उनकी जमीन को पूंजीपतियों के पास गिरवीं रखना चाहती है। इसी के चलते कृषि कानून लाए गए हैं। पूर्व जिलाध्यक्ष कृष्णपाल सिंह राठौर ने कहा कि कृषि कानूनों की वापसी तक आंदोलन जारी रहेगा। इस मौके शंकर लाल, नरेंद्र सिंह, परमेश्वरी, प्रदीप मौर्य, भूरे, जितेंद्र आदि रहे।
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पंचायत के बाद भाकियू ने दिया ज्ञापन
दातागंज। भाकियू के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य राजीव कुमार गुप्ता के नेतृत्व में किसान यूनियन ने तहसील परिसर में पंचायत की। इसके बाद यहां कृषि कानूनों के विरोध में प्रदर्शन भी किया। राजीव कुमार गुप्ता ने कहा कि सरकार किसानों को अपाहिज करने पर तुली हुई है। उन्होंने दिल्ली में किसान नेताओं पर दर्ज मामलों को वापस लेने और स्वामी नाथन कमेटी की रिपोर्ट लागू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जब तक कृषि कानून वापस नहीं लिए जाते तब तक किसान आंदोलन जारी रहेगा। धरना प्रदर्शन के बाद किसान नेताओं ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम किशोर गुप्ता को दिया। इस मौके पर कृष्णपाल मौर्य समेत काफी संख्या में किसान रहे। इधर, ब्लॉक परिसर में भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष ब्रज किशोर यादव के नेतृत्व में पंचायत की गई। पंचायत में किसानों ने कृषि कानूनों की वापसी की मांग की। इस मौके पर बबलू, राशिद आदि रहे।
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