मौसम बड़ा बेईमान है। कहना इसलिए भी गलत नहीं होगा कि अक्तूबर शुरू होने के बाद भी दोपहर में तापमान कम होने का नाम नहीं ले रहा है। कई दिनों से तड़के आसमान में कोहरा छाया दिखा पर दोपहर आते-आते तापमान जस का तस हो गया। गर्मी भी ऐसी कि जेठ का महीना लगे।
बुधवार दोपहर में तापमान 35 डिग्री तक पहुंच गया। इससे पहले सुबह मौसम सुहाना था। आसमान पर कोहरा था पर दोपहर होते-होते वैसी ही गर्मी हो गई जैसी सितंबर के शुरू में थी। 24 घंटे के अंदर बार-बार बदल रहे मौसम ने सबसे ज्यादा बच्चों को बुजुर्गों को चपेट में लेना शुरू कर दिया है। सर्दी, जुकाम और बुखार तो घर-घर पहुंच चुका है। जानकारों की माने तो पिछले साल अक्तूबर शुरू होते-होते मौसम काफी हद तक नार्मल हो गया था लेकिन इस बार उतार कम चढ़ाव ज्यादा देखने को मिल रहा है।