बिल्सी। ब्लॉक प्रमुख पद के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने के दौरान एक सपा प्रत्याशी का पर्चा छीनकर फाड़ देने से हंगामे की स्थिति रही। इस दौरान समय बीत जाने से नामांकन दाखिल न हो सका। मामले में सत्तापक्ष पर पुलिस-प्रशासन का इस्तेमाल करने के आरोप लगाए गए।
अंबियापुर ब्लॉक कार्यालय पर प्रमुख पद के लिए नामांकन के दौरान दोपहर करीब एक बजे भाजपा समर्थित प्रत्याशी रेखा देवी भारती ने नामांकन पत्रों के दो सेट दाखिल किए। इसके ठीक आधा घंटे बाद सपा प्रत्याशी और पूर्व में ब्लॉक प्रमुख रहीं गांव सीतापुर निवासी र्निलेश कुमारी अपने प्रस्तावक के साथ ब्लॉक पहुंचीं। ब्लॉक कार्यालय के गेट से वह कार से उतरकर सपा नेता सर्वेश यादव के साथ नामांकन पत्र दाखिल करने जा रही थीं। आरोप है कि इतने में गेट के पास रेखा देवी के समर्थक आ गए और पुलिस की मौजूदगी में उनका नामांकन पत्र छीनकर फाड़ दिया। इसके कारण वह अपना नामांकन दाखिल नहीं कर सकी।
इसे लेकर सपा प्रत्याशी के समर्थकों ने हंगामा भी किया। धीरे-धीरे नामांकन का समय खत्म हो गया और रेखा देवी के अलावा कोई भी प्रत्याशी अपना नामांकन पत्र दाखिल नहीं कर सका। इससे भाजपा प्रत्याशी रेखा देवी का निर्विरोध ब्लॉक प्रमुख बनना तय हो गया। सपा नेता सर्वेश यादव ने इस घटना को लोकतंत्र की हत्या बताया। ऐसे तो कोई भी कमजोर व्यक्ति अपना नामांकन नहीं कर सकेगा। तीन बजे के बाद भाजपाइयों ने अंबियापुर के गेट पर खुशी मनानी शुरू कर दी।
इस बार भी परिवारवाद अंबियापुर में हावी रहेगा
बिल्सी। लंबे समय से राजनीति क्षेत्र में चल रही परिवारवाद की परंपरा अब धीरे-धीरे स्थायी रुप धारण करती जा रही हैं। ऐसा ही मामला अंबियापुर ब्लॉक में देखने को फिर से मिल रहा है। पूर्व में अंबियापुर ब्लॉक की प्रमुख रहीं विजेता यादव, उनके पति सर्वेश यादव इसी ब्लॉक की ग्राम पंचायत वैन से ग्राम प्रधान चुने गए। ठीक उसी तरह इस बार भी अंबियापुर में देखने को मिल रहा है। इस बार ग्राम पंचायत फकीराबाद से भाजपा के अनुसूचित जाति के कद्दावार नेता डीपी भारती के छोटे भाई अशोक कुमार इस बार ग्राम प्रधान के पद पर चुने गए। अब डीपी भारती की पत्नी रेखा देवी इस बार अंबियापुर ब्लॉक की प्रमुख पद पर निर्विरोध चुनी गई है।