बदायूं। राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत गांवों में बैंकिंग सेवाएं दे रहीं बीसी सखी को अब पंजाब नेशनल बैंक में माइग्रेट किया जा रहा है। माइग्रेशन के बाद बीसी सखी अब ग्राहकों के नए खाते भी खोल सकेंगी। इससे उनकी आय पहले के मुकाबले दो से तीन गुना बढ़ जाएगी। इससे पहले वे केवल लेनदेन की सुविधा दे पा रही थीं।
जिले में 969 बीसी सखी बनाई गई हैं। इसमें से 791 बीसी लगातार काम कर रही हैं। सक्रिय बीसी सखियों को पीएनबी में माइग्रेट किया जाएगा। जिला मिशन प्रबंधक अरविंद ने बताया कि पीएनबी में माइग्रेशन के बाद बीसी सखी को मिलने वाले कमीशन में भी बढ़ोतरी होगी। पहले के मुकाबले प्रति ट्रांजेक्शन और खाता खोलने पर ज्यादा कमीशन मिलेगा।
इससे उनकी मासिक आय में इजाफा होगा। इसके साथ ही सभी बीसी सखी को कॉमन सर्विस सेंटर यानी सीएससी से भी जोड़ा जाएगा। सीएससी से जुड़ने के बाद बीसी सखी बैंकिंग के अलावा पैन कार्ड, बीमा आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र जैसी सेवाएं भी दे सकेंगी। हर सेवा पर अलग से कमीशन तय होगा।
बीसी सखियों को पीएनबी में माइग्रेशन किया जाएगा, इससे उनकी आय पहले से अधिक बढ़ जाएगी, साथ ही सीएससी से जुड़ने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग व सरकारी योजनाओं की पहुंच आसान होगी और महिलाओं को स्वरोजगार के साथ बेहतर आमदनी भी मिलेगी। - सत्येंद्र सिंह, प्रभारी डीसी एनआरएलम