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बेसिक स्कूलों मेें बच्चों का किया गया फर्जी नामांकन

Sat, 03 Oct 2015 11:22 PM IST
बदायूं।
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जिले के बेसिक स्कूलों में बच्चों को दिए जाने वाले एमडीएम के आंकड़ों में भी खूब खेल किया जा रहा है। भोजन खाने वाले बच्चों की संख्या को अधिक दर्शाया जा रहा है। इस बात का खुलासा प्रधान महालेखाकार उत्तर प्रदेश के ऑडिट में हुआ है। इसमें बदायूं समेत प्रदेश के 21 जिले शामिल हैं। जहां पर भोजन खाने वाले बच्चों की संख्या अधिक दर्शायी गई है। प्रधान महालेखाकार की रिपोर्ट मिलने के बाद संयुक्त शिक्षा निदेशक बेसिक एपी वर्मा ने संबंधित जिलों के बेसिक शिक्षाधिकारियों को स्कूलों में बच्चों का फर्जी नामांकन करने वाले विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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बेसिक स्कूलों में बच्चों के नामांकन को लेकर तमाम बार फर्जीवाडे़ का खुलासा हुआ है। इसकी वजह होती है कि एमडीएम की मद से मिलने वाली धनराशि हड़पने के अलावा बाकी योजनाओं का भी लाभ लेना। सूत्र बताते हैं कि उत्तर प्रदेश के प्रधान महालेखाकार ने स्कूलों में बच्चों के फर्जी नामांकन की शिकायतें मिलने पर उसकी जांच कराई। ऑडिट में यह बात पूरी तरह साफ हो गई कि बदायूं में भी तमाम स्कूलों में बच्चों का फर्जी नामांकन कराया गया है और उसी के आधार पर एमडीएम की संख्या दर्शायी गई। ऑडिट में यह बात साफ हुई है कि औसतन 17.5 फीसदी बच्चों की उपस्थित अधिक दर्शायी गई है। इस पर महालेखाकार ने कड़ी आपत्ति की है। प्रधान महालेखाकार ने इसकी पूरी रिपोर्ट बनाकर कार्रवाई के लिए संयुक्त शिक्षा निदेशक बेसिक और मध्याह्न भोजन प्राधिकरण को भेजी है।
इस रिपोर्ट के मिलने के बाद संयुक्त शिक्षा निदेशक एपी वर्मा ने बेसिक शिक्षाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वह यह देखेंगे कि किन स्कूलों में बच्चों का फर्जी नामांकन कराया गया है। स्थिति साफ होने के बाद तत्काल कार्रवाई अमल में लाई जाए।
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इंसेट-
इस बारे में उन्हें अभी तक कोई जानकारी नहीं मिली है। न ही उन्हें किसी विभागीय अधिकारी का पत्र मिला है। यदि कोई पत्र आया है तो उसे देखकर कार्रवाई की जाएगी। -आनंद प्रकाश शर्मा, बीएसए
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एमडीएम की डीसी ने पकड़ी थी गड़बड़ी
बदायूं। यहां बता दें कि एमडीएम की जिला समन्वयक हिना खां ने खुद ही कादरचौक,म्याऊ और उसावां क्षेत्र के कई स्कूलों का निरीक्षण करने के बाद यह पाया था कि उन स्कूलों में बच्चों का फर्जी नामांकन किया गया है। उन्होंने देखा था कि उपस्थित बच्चों के सापेक्ष एमडीएम सेल को रोजाना की रिपोर्ट में बच्चों की संख्या ज्यादा दर्शायी गई है। तब उन्होंने रिपोर्ट बनाकर कार्रवाई को बीएसए के लिए प्रेषित की थी।
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21 जिलों में मंडल के तीन जिले हैं शामिल
बदायूं। बच्चों के फर्जी नामांकन के मामले में बदायूं के अलावा बरेली और शाहजहांपुर का भी नाम शामिल है।
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