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पुलिया बने और बीच सड़क के पोल हटें तो सुहाना हो सफर

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उझानी बाईपास पर बीच सड़क बिजली के पोल के पास खड़े वाहन। संवाद - फोटो : BADAUN
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बदायूं/उझानी। बरेली-मथुरा हाईवे को फोरलेन किए जाने का करीब 80 फीसदी काम पूरा होने के बाद उझानी और कछला के बीच रास्ते में कई अवरोधक निर्माण कार्य की रफ्तार पर ब्रेक लगाए हुए हैं। कहीं पुलिया निर्माण का काम अब तक शुरू नहीं हो पाया तो कहीं पर निर्माण कार्य डेढ़-दो साल से अधूरा पड़ा है। बाईपास पर बिजली के पोल हटाकर लाइन हाईवे किनारे शिफ्ट किए जाने का काम जल्द पूरा होता नजर नहीं आ रहा। फोरलेन के साथ ही सभी अवरोधक हटा दिए जाएं तो बरेली-मथुरा के बीच सफर सुहाना हो जाएगा तो सफर पूरा करने में समय भी कम लगेगा।
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हाईवे को फोरलेन किए जाने का काम मथुरा की ओर से शुरू हुआ था। कासगंज जिले में सोरों तक वाहन सरपट दौड़ने लगे हैं। फोरलेन का निर्माण कार्य हालांकि कासगंज जिले में भी पूरा नहीं हो पाया है लेकिन सबसे ज्यादा दिक्कत उझानी और कछला के बीच है। कछला और वितरोई मोड़ के बीच पुलिया को फोरलेन के अनुरूप बनाए जाने का काम भी शुरू नहीं पाया है।
करूआ पुल के बराबर दूसरे पुल का निर्माण पिछली सरकार में शुरू हो गया था। इसके बाद पांच साल पूरे होने को हैं। निर्माणाधीन नए करूआ पुल पर वाहन दौड़ने में अभी कितना समय और लगेगा, यह अफसर भी सही ढंग से नहीं बता पा रहे। नौशेरा के पास छुइया पुलिया के बराबर नई पुलिया के निर्माण की रफ्तार का अंदाजा डेढ़-दो साल से अधूरे पिलर बयां कर देते हैं। करूआ पुल और छुइया पुलिया के लिए धनराशि भी अवमुक्त हो चुकी है।
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दिक्कत यही नहीं, बीच सड़क पर बिजली के पोल भी हैं जो उझानी बाईपास पर हादसे की वजह बन चुके हैं। उझानी से बदायूं के बीच फोरलेन सड़क पर डिवाइडर का निर्माण कराने के बाद भी पीडब्ल्यूडी बाईपास से बिजली के पोल हटवाकर लाइन सड़क किनारे शिफ्ट कराने में सफल नहीं हो पाया। पोल हटवाने के लिए बिजली विभाग के लिए पीडब्ल्यूडी के लिए करीब एक करोड़ छह लाख रुपया अवमुक्त किया जा चुका है।
बिजली के पोल हटने के बाद ही बाईपास का उच्चीकरण होने के आसार हैं। इधर, विभागीय जानकार बताते हैं कि फोरलेन का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद नाथनगरी बरेली से बृजराज श्रीकृष्ण की जन्मस्थली मथुरा के बीच सफर में समय करीब दो घंटे कम लगेगा।
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बदायूं समेत पांच जिलों के साथ राजस्थान और उत्तराखंड के लोगों को भी मिलेगा फायदा
उझानी। बरेली-मथुरा हाईवे पर फोरलेन का काम पूरा होने के बाद उत्तराखंड और राजस्थान के लोगों की भी सुहाने सफर की उम्मीद पूरी हो जाएगी। एक समय ट्रेन के जरिये पहाड़ों और ताज का दीदार करने के लिए जाना बहुत सुगम हुआ करता था। उस वक्त सड़क मार्ग की स्थिति कोई खास अच्छी नहीं हुआ करती थी। फोरलेन बन जाने से बरेली, बदायूं, कासगंज, हाथरस और मथुरा के साथ आगरा आने-जाने में लोगों को समय की बचत होगी तो इसी फोरलेन से जुड़े दूसरे रास्तों के जरिये एटा, फिरोजाबाद, अलीगढ़ आदि की तरफ भी आवागमन में दिक्कत नहीं होगी।
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यह बोले इलाके के लोग
बदायूं जिले में खासकर कछला के आसपास सड़क टू-लेन तो है लेकिन करूआ पुल के निर्माण कार्य की रफ्तार ऐसी नहीं है कि वह समय रहते पूरी हो पाए। वितरोई मोड़ के पास तो पुलिया टू-लेन की है। फोरलेन की सुविधा से पूरे जिले के लोगों को फायदा होगा। निजी वाहन चालकों को दिक्कत नहीं होगी। हादसों की संख्या में भी गिरावट आएगी।- नवीन कुमार, प्रोफेसर
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फोरलेन के निर्माण में सरकारी स्तर पर उदासीनता सामने आती है। कोई भी निर्माण कार्य तय समय सीमा में नहीं हो पा रहा है। बाईपास पर दो साल से गड्ढे हैं। पिछले दिनों पीडब्ल्यूडी ने कहीं गड्ढे भरे तो कुछेक स्थानों पर उन्हें खुला छोड़ दिया गया। अफसर हकीकत से वाकिफ हैं। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि भी हालात पर गौर नहीं करते।
- ध्रुव यादव, इंजीनियर।
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सड़क खराब होने से हादसों की संख्या में इजाफा हुआ है। सरकार किसी की भी हो, हरेक ने सड़क के निर्माण को प्राथमिकता दी। भले ही किसी की उम्मीदों पर अफसरों ने पानी फेर दिया तो कोई समय रहते निर्माण कार्य पूरा कराने में सफल हो गया। फोरलेन का निर्माण पूरा हो जाने के बाद सफर आसान हो जाएगा।
- इकबाल अहमद, खेल प्रशिक्षक
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उझानी में बाईपास की हालत बहुत खराब है। आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर खड़े बिजली के पोल खासकर रात के समय सफर के दौरान दिक्कत पैदा कर देते हैं। बाइक और कार सवार पिछले महीनों में हादसे का शिकार भी बने। बाईपास पर बिजली के पोल ऐसे ही खड़े रहे तो घना कोहरा पड़ने पर कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है।
- प्रेमपाल सिंह ठाकुर, किसान
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उझानी में बाईपास से बिजली के पोल सड़क किनारे शिफ्ट कराने के लिए दो महीना पहले बिजली विभाग के लिए धनराशि भी अवमुक्त की जा चुका है। कुछेक स्थानों पर पोल शिफ्ट हो चुके हैं। फोरलेन के हिसाब से जिले की सीमा में पुलिया का निर्माण भी चल रहा है। पुलिया बनने में थोड़ा समय और लगेगा। इसके बाद कोई दिक्कत नहीं होगी।
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- अमर सिंह, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी
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