बदायूं। पुलिस लाइन स्थित सभागार कक्ष में जिले के सभी प्रमुख बैंकों के शाखा प्रबंधकों की महत्वपूर्ण गोष्ठी हुई। इसमें साइबर अपराधों के रोकथाम पर चर्चा हुई।
एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह ने साइबर अपराधियों की नई-नई तरकीबों, धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों और बैंकिंग सुरक्षा में आ रही चुनौतियों पर गंभीरता से चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बैंक और पुलिस यदि समन्वय को मजबूत करें तो वित्तीय अपराधों पर काफी हद तक प्रभावी नियंत्रण संभव है।
एसएसपी ने बताया कि फिशिंग, ओटीपी शेयरिंग, सिम स्वैपिंग, फर्जी कॉल सहित कई तरह की डिजिटल ठगी इस दिनों बढ़ी हैं। इसे देखते हुए सभी बैंकों को अपने ग्राहकों को लगातार जागरूक करने, एसएमएस अलर्ट एवं नोटिस जारी करने और साइबर शिकायतों के त्वरित निस्तारण को पुलिस के साथ 24 घंटे संपर्क व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी संदिग्ध या जोखिम वाले वित्तीय लेन-देन की जानकारी तत्काल साइबर सेल को उपलब्ध कराई जाए ताकि त्वरित कार्रवाई संभव हो सके।
सीसी कैमरे और अलार्म सिस्टम दुरुस्त रखने के निर्देश
बैंक शाखाओं और एटीएम की भौतिक सुरक्षा पर एसएसपी ने कहा कि सुरक्षा में जरा सी चूक बड़ा अपराध आमंत्रित कर सकती है। उन्होंने सभी शाखाओं में लगे सीसी कैमरों को उच्च गुणवत्ता वाला एवं प्रत्येक समय कार्यशील रखने, अलार्म सिस्टम को सक्रिय रखने और पैनिक बटन को पुलिस कंट्रोल रूम से लिंक कराने के आदेश दिए। साथ ही शाखाओं में गार्डों की उपस्थिति और उनकी सतर्कता को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए निर्देश दिए कि गार्डों को नियमित रूप से प्रशिक्षण प्रदान किया जाए और सुरक्षा मानकों में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।
कैश वैन व एटीएम सुरक्षा पर सख्ती, पुलिस को पहले सूचना देना अनिवार्य
कैश वैन की सुरक्षा को अत्यंत संवेदनशील बताते हुए एसएसपी ने कहा कि कैश वैन के संचालन से पूर्व संबंधित थाना पुलिस को अनिवार्य रूप से सूचित किया जाए। उन्होंने कहा कि कैश वैन की मूवमेंट, गार्ड की तैनाती, सुरक्षा जांच और निर्धारित मार्ग का कड़ाई से पालन किया जाए। एटीएम बूथों पर रोशनी, सीसीटीवी कवरेज, गार्ड की मौजूदगी और संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखने पर भी जोर दिया गया।
जाली नोटों पर रोकथाम के लिए प्रशिक्षण अनिवार्य
बैठक में जाली नोटों के प्रसार पर भी चर्चा की गई। एसएसपी ने निर्देशित किया कि बैंककर्मी जाली नोटों की पहचान में दक्ष हों और किसी भी संदिग्ध करेंसी के पकड़े जाने पर तत्काल पुलिस को सूचना दी जाए। उन्होंने बैंक शाखाओं को सतर्क रहते हुए कानूनी प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई करने को कहा।
गोष्ठी के अंत में एसएसपी ने कहा, सुरक्षा एक साझा जिम्मेदारी है। पुलिस और बैंक यदि निरंतर संवाद और त्वरित सूचना साझा करें तो वित्तीय और साइबर अपराधों पर उल्लेखनीय नियंत्रण संभव है। बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक नगर विजयेन्द्र द्विवेदी, क्षेत्राधिकारी उझानी डॉ. देवेन्द्र कुमार, प्रभारी निरीक्षक साइबर सेल हरेन्द्र कुमार सहित जिले के सभी राष्ट्रीयकृत, निजी एवं ग्रामीण बैंकों के मैनेजर मौजूद रहे।